मुंबई। भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में अगस्त 2026 के दौरान हवाई यात्री यातायात में गिरावट दर्ज की गई। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में घरेलू विमानन कंपनियों ने 121.26 लाख यात्रियों को हवाई यात्रा कराई। यह संख्या अगस्त 2025 के 129.47 लाख यात्रियों की तुलना में 6.34 प्रतिशत कम है।
हालांकि, जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान घरेलू विमानन कंपनियों ने कुल 1,105.30 लाख यात्रियों को हवाई यात्रा कराई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह संख्या 1,107.26 लाख थी। यानी वर्ष के पहले आठ महीनों में यात्रियों की संख्या में मामूली कमी दर्ज की गई।
अगस्त में देश की सबसे बड़ी घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी में कमी आई। जुलाई 2026 में कंपनी की हिस्सेदारी 67.4 प्रतिशत थी, जो अगस्त में घटकर 65 प्रतिशत रह गई।
वहीं, स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी भी जुलाई के 1.6 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 1.2 प्रतिशत हो गई।
इसके विपरीत एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2026 में समूह की हिस्सेदारी बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई, जबकि जुलाई में यह 24 प्रतिशत थी।
इस तरह एक महीने में एयर इंडिया समूह की बाजार हिस्सेदारी में 2.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी अगस्त में भी जुलाई के समान 5.5 प्रतिशत रही।
नागर विमानन महानिदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में 10 प्रमुख हवाई अड्डों पर समय पर उड़ान संचालन के मामले में इंडिगो सबसे आगे रही।
इन आंकड़ों के मुताबिक, प्रमुख हवाई अड्डों पर समय पर उड़ान संचालन के मामले में इंडिगो का प्रदर्शन सबसे अधिक रहा।
नागर विमानन महानिदेशालय के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच भारतीय घरेलू विमानन कंपनियों ने 1,105.30 लाख यात्रियों को हवाई यात्रा कराई। पिछले वर्ष इसी अवधि में 1,107.26 लाख यात्रियों ने घरेलू हवाई यात्रा की थी।
इस तरह वर्ष के पहले आठ महीनों में घरेलू हवाई यातायात लगभग पिछले वर्ष के स्तर के आसपास रहा, जबकि अगस्त महीने में सालाना आधार पर 6.34 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।