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ग्रेटर नोएडा बस हादसे में नौ यात्रियों की मौत, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यात्री बसों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से लंबी दूरी की बसों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, वायरिंग, एयर कंडीशनिंग सिस्टम और यात्रियों के सामान की सुरक्षित व्यवस्था की नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है

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Gauravshali Bharat News
  • September 24, 2026 11:01 am IST, Published 2 hours ago

नयी दिल्ली: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात पर्यटकों से भरी एक डबल डेकर बस में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि यात्रियों को संभलने और बाहर निकलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल सका। हादसे में नौ लोगों की मौत होने की सूचना है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस, दमकल तथा अन्य राहत टीमें तत्काल सक्रिय हुईं। दुर्घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया।

बताया जा रहा है कि बस नोएडा से महोबा की ओर जा रही थी और जेवर एयरपोर्ट के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे का शिकार हुई। बस में बड़ी संख्या में पर्यटक सवार थे। अचानक आग लगने के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आग ने देखते ही देखते बस को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ यात्रियों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग आग की चपेट में आ गए। हादसे में नौ यात्रियों की जान चली गई। मृतकों की पहचान और हादसे में घायल लोगों से जुड़ी जानकारी जुटाने का काम भी किया गया।

प्रारंभिक जानकारी में बस की छत पर भारी मात्रा में सामान रखे होने की बात सामने आई है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आग किस वजह से लगी। अधिकारियों ने घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है। आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। यह भी देखा जा रहा है कि बस में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और आपात स्थिति में यात्रियों के बाहर निकलने की व्यवस्था कितनी प्रभावी थी।

हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दुख जताया है। उन्होंने घटना में लोगों की मौत को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

प्रधानमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों के उपचार की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रेटर नोएडा की घटना के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों से चलती बसों में आग लगने की अन्य घटनाएं भी सामने आईं। महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे हाईवे पर उदयपुर से पुणे जा रही एक निजी यात्री बस में आग लग गई। यह घटना रायगढ़ जिले में हिरानंदानी एस्टेट के पास खालापुर टोल नाके के आसपास सुबह करीब सात बजे हुई। आग लगने के बाद बस में मौजूद सभी यात्रियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रारंभिक तौर पर बस के एयर कंडीशनिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी को आग की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद होगी।

इसी तरह हैदराबाद में भी गुरुवार तड़के एक निजी ट्रैवल बस में आग लग गई। यह बस करमनघाट स्थित हनुमान मंदिर के पास से श्रीशैलम की ओर जा रही थी। घटना के समय बस में करीब 38 यात्री मौजूद थे। आग लगने का पता चलते ही यात्रियों को तत्काल बस से बाहर निकाल लिया गया। दमकल विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई। इस घटना में किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट को लेकर जताई जा रही है, लेकिन आग की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यात्री बसों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेष रूप से लंबी दूरी की बसों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, वायरिंग, एयर कंडीशनिंग सिस्टम और यात्रियों के सामान की सुरक्षित व्यवस्था की नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रेटर नोएडा हादसे की जांच में भी इन पहलुओं को देखा जा सकता है। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे की वजह पता करने और मृतकों तथा घायलों से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

 

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