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यूपी में बारिश का कहर: गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव से बढ़ी मुसीबत

उन्नाव में भारी बारिश से गंगा एक्सप्रेसवे के बशीरतगंज इंटरचेंज पर जलभराव। जानिए यातायात पर असर, यूपीडा की सफाई और समस्या की वजह।

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Gauravshali Bharat News
  • September 27, 2026 11:45 pm IST, Published 26 minutes ago

उन्नाव, उत्तर प्रदेश। लगातार हो रही बारिश के बीच गंगा एक्सप्रेसवे के बशीरतगंज इंटरचेंज पर जलभराव का मामला सामने आया है। सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो ने एक्सप्रेसवे की जल निकासी व्यवस्था और बारिश के दौरान यातायात सुरक्षा को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्नाव के दही थाना क्षेत्र में स्थित बशीरतगंज इंटरचेंज के लगभग 50 मीटर लंबे हिस्से पर जलभराव हुआ। यह इंटरचेंज गंगा एक्सप्रेसवे को पुराने कानपुर मार्ग से जोड़ता है। प्रभावित हिस्से में पानी जमा होने से वाहन चालकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।

बारिश से सड़क पर जलभराव, वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आई है। इसी बीच गंगा एक्सप्रेसवे के बशीरतगंज इंटरचेंज पर पानी भरने की खबर ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।

सड़क पर पानी जमा होने से छोटे वाहनों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए आवागमन मुश्किल हो सकता है। पानी के नीचे सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इंटरचेंज के प्रभावित हिस्से पर पानी भरने के बावजूद अन्य तीन लूप से यातायात संचालित किया जा रहा था।

आखिर क्यों भरा गंगा एक्सप्रेसवे पर इतना पानी?

गंगा एक्सप्रेसवे पर जलभराव को लेकर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से तकनीकी कारण बताया गया है।

प्राधिकरण के अनुसार, प्रभावित स्थान पर मौजूद विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के कारण सड़क को आवश्यक ऊंचाई तक नहीं बनाया जा सका। इसके चलते बारिश का पानी निचले हिस्से में जमा हो गया।

यूपीडा ने समस्या के स्थायी समाधान पर काम करने की जानकारी दी है। इस घटना ने बड़े सड़क निर्माण कार्यों में प्राकृतिक ढलान, बिजली की लाइनों और जल निकासी व्यवस्था के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता को सामने रखा है।

उन्नाव में भारी बारिश से बिगड़े हालात

मौसम विभाग के आंकड़ों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार सुबह तक पिछले 24 घंटों के दौरान उन्नाव में लगभग 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के कारण बशीरतगंज टोल प्लाजा के आसपास भी पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर करीब तीन फीट तक जलभराव की खबर सामने आई।

बारिश के दौरान सड़कों पर पानी जमा होने से वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ सकता है। विशेष रूप से निचले इलाकों और इंटरचेंज के आसपास जल निकासी की उचित व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं सड़क से जुड़ी समस्याएं

गंगा एक्सप्रेसवे के बशीरतगंज क्षेत्र में बारिश के दौरान सड़क से जुड़ी समस्याएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।

जुलाई और अगस्त में इस क्षेत्र के आसपास पहुंच मार्ग धंसने, सड़क में दरार आने और जल निकासी की नालियों को नुकसान पहुंचने की खबरें प्रकाशित हुई थीं।

जुलाई में बशीरतगंज पहुंच मार्ग का लगभग पांच मीटर हिस्सा धंसने के बाद मरम्मत का काम शुरू कराया गया था। अगस्त में भी सड़क और जल निकासी से संबंधित समस्याएं सामने आई थीं।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्र की तकनीकी जांच, नियमित निगरानी और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता बढ़ गई है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

जलभराव के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी चर्चा में रहा, जिसमें कुछ लोग पानी में जाल डालकर मछली पकड़ते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जलभराव को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की।

उन्होंने निर्माण व्यवस्था और सरकारी जवाबदेही पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, यूपीडा ने जलभराव के पीछे विद्युत लाइन से जुड़ी तकनीकी बाधा का उल्लेख करते हुए स्थायी समाधान पर काम करने की जानकारी दी है।

वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानियां

बारिश के दौरान जलभराव वाली सड़कों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

पानी के नीचे गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क या अन्य बाधाएं हो सकती हैं। ऐसे में वाहन चालकों को पानी से भरे रास्ते पर उतरने से पहले उसकी स्थिति का आकलन करना चाहिए।

दोपहिया वाहन चालकों और छोटी कारों के लिए गहरे पानी से गुजरना विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकता है। वाहन चालकों को प्रशासन की ओर से जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

गंगा एक्सप्रेसवे की जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की प्रमुख सड़क परियोजनाओं में शामिल है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाली इस परियोजना से विभिन्न जिलों के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने की अपेक्षा है।

ऐसे में इंटरचेंज और पहुंच मार्गों पर जलभराव की समस्या का समाधान महत्वपूर्ण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी बड़ी सड़क परियोजना में मुख्य सड़क के साथ-साथ इंटरचेंज, सर्विस रोड और जल निकासी व्यवस्था का प्रभावी होना आवश्यक है।

बारिश के दौरान पानी जमा होने से सड़क की संरचना पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए प्रभावित स्थानों पर नियमित निरीक्षण और समय रहते मरम्मत महत्वपूर्ण है।

स्थायी समाधान से ही दूर होगी परेशानी

बशीरतगंज इंटरचेंज पर सामने आई जलभराव की समस्या ने सड़क निर्माण के साथ-साथ रखरखाव और तकनीकी निगरानी के महत्व को भी रेखांकित किया है।

संबंधित अधिकारियों के सामने तत्काल पानी निकालने के साथ भविष्य में भारी बारिश के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न होने से रोकने की चुनौती है। अब जल निकासी की स्थायी व्यवस्था और प्रभावित हिस्से में आवश्यक सुधार के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि भविष्य में भारी बारिश के दौरान इस स्थान पर यातायात कितना सुचारु रह पाएगा।

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