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बसपा में बड़ा संगठनात्मक बदलाव,बारिश प्रभावित जनता की मदद करेंगे BSP कार्यकर्ता

संगठनात्मक बदलाव के साथ मायावती ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं। पार्टी के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और तूफान के कारण लोगों को परेशानी का…

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  • September 27, 2026 4:20 pm IST, Published 30 minutes ago

लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपने राष्ट्रीय संगठन में एक नया बदलाव करते हुए राज्यों को तीन सेक्टरों में बांटने की व्यवस्था लागू की है। पार्टी प्रमुख मायावती ने संगठन के कामकाज को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटकर वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

नई व्यवस्था के तहत सेक्टर-1 में 10 राज्यों को शामिल किया गया है। इस सेक्टर की जिम्मेदारी राज्यसभा सदस्य रामजी गौतम और सुरेश राव को दी गई है। दोनों नेता केंद्रीय सेक्टर प्रभारी के तौर पर संबंधित राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक कामकाज की निगरानी करेंगे। पार्टी नेतृत्व की ओर से इन राज्यों में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया है।

सेक्टर-2 में नौ राज्यों को रखा गया है। इस क्षेत्र की जिम्मेदारी पूर्व राज्यसभा सदस्य राजाराम और पूर्व विधायक अतर सिंह राव को सौंपी गई है। इस सेक्टर में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल शामिल हैं। दोनों प्रभारी इन राज्यों में पार्टी के कामकाज और संगठन की स्थिति की निगरानी करेंगे।

सेक्टर-3 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है। इन दोनों राज्यों का काम लखनऊ स्थित पार्टी के केंद्रीय कैंप कार्यालय से सीधे देखा जाएगा। मायावती स्वयं इस सेक्टर की गतिविधियों की निगरानी करेंगी। उत्तर प्रदेश बसपा के लिए विशेष महत्व रखता है और पार्टी का केंद्रीय संगठन भी लखनऊ से संचालित होता है।

संगठनात्मक बदलाव के साथ मायावती ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद को लेकर भी पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं। पार्टी के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी और तूफान के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बसपा कार्यकर्ताओं से प्रभावित जनता की अपनी क्षमता के अनुसार सहायता करने को कहा गया है।

मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों से कहा है कि राहत कार्य केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जिन क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा से ज्यादा नुकसान हुआ है, वहां कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आने को कहा गया है। साथ ही पार्टी की ओर से अलग से चंदा या फंड एकत्र करने से बचने की बात कही गई है, ताकि राहत के नाम पर किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

पार्टी नेतृत्व के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर ज्यादा प्रभावित राज्यों में राष्ट्रीय प्रभारी ईशान आनंद को भेजा जा सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्थिति पर मायावती स्वयं नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों का दौरा भी कर सकती हैं। मायावती ने केंद्र सरकार से भी प्राकृतिक आपदा से प्रभावित राज्यों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

इस तरह बसपा ने एक ओर राष्ट्रीय संगठन को तीन सेक्टरों में बांटकर जिम्मेदारियां स्पष्ट की हैं, वहीं दूसरी ओर आपदा प्रभावित लोगों तक पार्टी कार्यकर्ताओं की मदद पहुंचाने पर भी जोर दिया है। आने वाले दिनों में इन सेक्टर प्रभारियों की गतिविधियां और राज्यों में संगठन के स्तर पर होने वाले कार्यक्रम इस नई व्यवस्था की दिशा को स्पष्ट करेंगे।

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