• होम
  • दिल्ली/NCR
  • दिल्ली-एनसीआर में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

दिल्ली-एनसीआर में महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

संवेदनशील इलाकों का 4 हफ्ते में सर्वे, पुलिस गश्त और सीसीटीवी बढ़ाने के निर्देश नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में सामने आई दुष्कर्म की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर सुरक्षा […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • September 29, 2026 5:24 am IST, Published 18 minutes ago

संवेदनशील इलाकों का 4 हफ्ते में सर्वे, पुलिस गश्त और सीसीटीवी बढ़ाने के निर्देश

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में हाल के दिनों में सामने आई दुष्कर्म की घटनाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि केवल चिंता जताने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए समयबद्ध कदम उठाने होंगे।

न्यायमूर्ति जेबी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई अंतरिम निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को इन उपायों पर चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने को कहा है।

संवेदनशील इलाकों का होगा सर्वे

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को संवेदनशील स्थानों की पहचान के लिए तत्काल सर्वे और निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। इसमें बाहरी इलाके, सुनसान स्थान, पार्क, परिवहन केंद्र, बाजार, शैक्षणिक संस्थानों के आसपास के क्षेत्र और अन्य सार्वजनिक स्थान शामिल होंगे।

सर्वे के दौरान राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों, स्थानीय खुफिया जानकारी, पुरानी और वर्तमान शिकायतों तथा पहले हुई घटनाओं को आधार बनाया जाएगा। खराब रोशनी, निगरानी की कमी, अपर्याप्त पुलिस गश्त, खाली या परित्यक्त इमारतों और प्रवेश नियंत्रण जैसी कमियों की भी पहचान की जाएगी।

हर जिले के लिए विशेष पुलिस टीम

अदालत ने निर्देश दिया है कि दिल्ली के पुलिस आयुक्त प्रत्येक पुलिस जिले के लिए विशेष पुलिस टीमों का गठन करेंगे। इन टीमों का नेतृत्व ऐसे अधिकारी करेंगे, जिनका पद पुलिस उपाधीक्षक से कम नहीं होगा।

इन टीमों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में संवेदनशील स्थानों का सर्वे करने और वहां सुरक्षा व्यवस्था की कमियों की पहचान करने की होगी।

संवेदनशील क्षेत्रों का तैयार होगा नक्शा

अदालत ने जिलेवार संवेदनशीलता का नक्शा तैयार करने और उसे आसपास के पुलिस थानों के साथ साझा करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य अपराध के दोहराए जाने वाले पैटर्न और आदतन अपराधियों से जुड़ी जानकारी को केवल एक थाने तक सीमित रहने से रोकना है।

चिन्हित सार्वजनिक पार्कों और संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे। खासकर शाम और सुबह के शुरुआती समय में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

खराब स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी होंगे दुरुस्त

सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक पार्कों और संवेदनशील क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी व्यवस्था का तत्काल ऑडिट कराने को कहा है। जहां रोशनी की व्यवस्था खराब है या सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध नहीं हैं, वहां उन्हें ठीक करने या लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिकों की शिकायत वाले स्थानों पर अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी लगाए जाएंगे।

मेट्रो और रेलवे स्टेशनों का भी होगा ऑडिट

अदालत ने मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक परिवहन सुविधाओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करने को कहा है। विशेष रूप से उन स्थानों का ऑडिट किया जाएगा जो पहले से चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों के भीतर या उनके आसपास हैं।

पीठ ने अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी कमियों की पहचान के लिए मौजूदा नागरिक शिकायत निवारण प्रणालियों का इस्तेमाल करने को भी कहा है। इसमें मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल को भी अतिरिक्त सूचना स्रोत के रूप में इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है।

Advertisement