नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के बीच आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कई इलाकों में बाढ़ का पानी गांवों और रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच गया है। नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद कुशीनगर में गंडक (नारायणी) नदी का जलस्तर बढ़ गया है। बाढ़ से दो गांवों के करीब 1,400 परिवार प्रभावित हुए हैं, जबकि लगभग 600 परिवार घर छोड़कर तटबंध पर रहने को मजबूर हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 17 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बिहार में सोमवार रात बगहा-1 प्रखंड के खैरटवा के पास चंपारण तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से गांवों और निचले इलाकों की ओर फैलने लगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। आशंका जताई जा रही है कि पानी बढ़ने पर करीब 50 हजार घर प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, मंगलवार को बिहार के किसी भी जिले के लिए बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
राजस्थान में सोमवार को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जयपुर, बीकानेर और चूरू सहित कई इलाकों में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम में अचानक बदलाव के कारण रात के तापमान में गिरावट आई और कई क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई।
शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को राजस्थान में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना है। अगले दो से तीन दिनों में तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और बारिश के चलते प्रशासन प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए है, जबकि बिहार में तटबंध टूटने के बाद राहत और बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।