पटना: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने पटना स्नातक सीट से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उम्मीदवार नीरज कुमार पर निशाना साधते हुए उन्हें खुली चुनौती दी है। प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद कैमरे के सामने आकर नीरज कुमार के समर्थन में बयान दे दें तो जन सुराज अपने उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी वापस लेने के लिए तैयार है।
प्रशांत किशोर मंगलवार को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति के नामांकन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर जेडीयू और उसके उम्मीदवार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नीरज कुमार लंबे समय से विधान परिषद के सदस्य हैं और अब जनता उनसे उनके काम का हिसाब मांग रही है। प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि शिक्षकों के वेतनमान, सामाजिक मुद्दों और कथित अत्याचारों से जुड़े सवालों पर नीरज कुमार ने अपेक्षित भूमिका नहीं निभाई।
प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि जेडीयू उम्मीदवार वास्तव में नीतीश कुमार के नाम और समर्थन के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में सामने आना चाहिए। उन्होंने इसी को अपनी ओर से रखी शर्त बताते हुए कहा कि नीतीश कुमार यदि कैमरे पर नीरज कुमार के समर्थन में बोलते हैं तो जन सुराज अपने उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटाने पर विचार करेगा। यह बयान प्रशांत किशोर ने नीरज कुमार को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच दिया है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर जेडीयू की ओर से मौजूदा विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार मैदान में हैं। अनुज सिंह को मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह का सार्वजनिक समर्थन भी मिला है। अनंत सिंह ने अनुज सिंह के नामांकन के दौरान उनके साथ मौजूद रहकर नीरज कुमार के खिलाफ अपनी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट की थी। इस घटनाक्रम के बाद पटना स्नातक सीट का मुकाबला खासा चर्चा में आ गया है।
प्रशांत किशोर ने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार के नामांकन कार्यक्रम में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जन सुराज शिक्षकों के लिए सातवें वेतनमान की मांग को लेकर आगे काम करेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि चुनाव जीतने के बाद स्नातक क्षेत्र के 10 हजार शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में पहल की जाएगी। ये प्रशांत किशोर और जन सुराज की ओर से किए गए राजनीतिक वादे हैं।
एमएलसी चुनाव में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने विपक्षी दलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि असली हलचल सत्तारूढ़ खेमे में दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जन सुराज अपने उम्मीदवारों और संगठन के साथ पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाता शिक्षा, शिक्षकों के सम्मान और वेतनमान जैसे मुद्दों को लेकर फैसला करेंगे।
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के बीच मुकाबला है। भाजपा और जेडीयू ने एनडीए के तहत अलग-अलग सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि अन्य दल भी अपने प्रत्याशियों के साथ चुनाव मैदान में हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है।
पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह के अनुज सिंह के समर्थन और प्रशांत किशोर के नीरज कुमार को दी गई चुनौती ने चुनावी मुकाबले को और चर्चा में ला दिया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जेडीयू इस चुनौती का किस तरह जवाब देती है और चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्ष किन मुद्दों को केंद्र में रखते हैं।