पटनाः बिहार में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के विधायक अनंत सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान शनिवार को एक बार फिर खुलकर सामने आई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ तीखी टिप्पणियां कीं। विवाद की पृष्ठभूमि आगामी विधान परिषद चुनाव और पटना स्नातक सीट को लेकर बनी राजनीतिक स्थिति से जुड़ी है। अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार के खिलाफ चुनावी रुख स्पष्ट कर चुके हैं, जबकि नीरज कुमार ने उनके आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब दिया है।
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के उन बयानों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें उन्होंने अपने खिलाफ हुई कार्रवाई और राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग नेताओं तथा सरकार पर सवाल उठाए हैं। नीरज कुमार ने कहा कि अनंत सिंह कभी आरसीपी सिंह, कभी ललन सिंह, कभी लिपि सिंह और कभी बिहार सरकार को जिम्मेदार बताते हैं। उन्होंने अनंत सिंह की मानसिक स्थिति को लेकर भी टिप्पणी की। यह टिप्पणी नीरज कुमार की ओर से की गई है और इसे उनके राजनीतिक पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है।
अनंत सिंह के इस दावे पर भी नीरज कुमार से सवाल किया गया कि उन्होंने नीरज कुमार को राजनीति में आगे बढ़ाया और उन्हें चुनाव जिताने में मदद की। जवाब में नीरज कुमार ने समता पार्टी के दौर और अनंत सिंह के राजनीतिक सफर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्हें आगे बढ़ाने में नीतीश कुमार की भूमिका रही है। नीरज कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि अनंत सिंह ने नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक संबंधों का लाभ लेने के बाद उनके खिलाफ रुख अपनाया।
बयानबाजी के दौरान नीरज कुमार ने निशांत कुमार का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अनंत सिंह के मौजूदा राजनीतिक रुख के पीछे निशांत कुमार के विरोध की मंशा है। नीरज कुमार ने कहा कि निशांत पार्टी में नेता की भूमिका में हैं और सम्राट चौधरी के साथ उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। यह नीरज कुमार का राजनीतिक दावा है, जिस पर अनंत सिंह की ओर से अलग प्रतिक्रिया दी जा सकती है।
दोनों नेताओं के बीच विवाद का एक अहम मुद्दा अनंत सिंह की ओर से लगाए गए पुराने आरोप भी हैं। अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर उनके खिलाफ एके-47 से जुड़े मामले में साजिश का आरोप लगाया है और दोनों के नार्को टेस्ट की मांग की है। नीरज कुमार ने इन आरोपों को लेकर कहा कि यदि अनंत सिंह के पास कोई प्रमाण है तो उन्हें अदालत में जाना चाहिए और सबूत पेश करना चाहिए। नीरज कुमार का कहना है कि गंभीर आरोपों को सार्वजनिक मंच पर लगाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के जरिए साबित किया जाना चाहिए।
इसी विवाद में अनंत सिंह ने नीरज कुमार को बजरंगबली मंदिर के सामने आमने-सामने बातचीत की चुनौती दी। अनंत सिंह का कहना है कि दोनों वहां खड़े होकर अपनी-अपनी बात जनता के सामने रख सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि नीरज कुमार लंबे समय से उनके खिलाफ बयान देते रहे हैं और पहली बार विधान परिषद सदस्य बनने के समय से ही उनके साथ राजनीतिक मतभेद रहे हैं। अनंत सिंह ने यह भी कहा कि यदि नीरज कुमार को लगता है कि उन्होंने कभी उनकी मदद नहीं की, तो वह मंदिर के सामने यह बात कह सकते हैं।
विवाद अब आगामी एमएलसी चुनाव तक भी पहुंच गया है। अनंत सिंह ने पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का विरोध करने और उनके मुकाबले अनुज सिंह का समर्थन करने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका दावा जेडीयू के खिलाफ नहीं बल्कि नीरज कुमार के खिलाफ राजनीतिक विरोध का है। दूसरी ओर, नीरज कुमार ने कहा है कि उम्मीदवार बनने और चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी स्तर पर होगा।
नीरज कुमार ने अनंत सिंह के चुनावी दावों पर भी सवाल उठाया और पुराने चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए उनसे जवाब मांगा। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर फिर अदालत में जाने की बात कही। वहीं, अनंत सिंह अपनी चुनौती पर कायम दिखाई दे रहे हैं और नीरज कुमार के साथ सार्वजनिक रूप से आमने-सामने बहस की बात दोहरा रहे हैं।
जेडीयू के भीतर दोनों नेताओं के बीच विवाद ऐसे समय जारी है जब बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हुई हैं। पार्टी स्तर पर दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की कोशिशों के बावजूद सार्वजनिक बयानबाजी जारी है। अब यह विवाद केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहकर चुनावी रणनीति और उम्मीदवार के समर्थन-विरोध तक पहुंच गया है।