पटना। मोबाइल इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को तेजी से बदल दिया है। अब इंटरनेट का उपयोग केवल कॉलिंग, मैसेजिंग या जरूरी जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं रह गया है। वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनोरंजन, डिजिटल सेवाओं और लगातार बढ़ते स्मार्टफोन इस्तेमाल ने मोबाइल डेटा की खपत को कई गुना बढ़ा दिया है। इसी बीच सामने आए दूरसंचार क्षेत्र के आंकड़ों में बिहार इंटरनेट डेटा खपत के मामले में देश में सबसे आगे नजर आ रहा है। बिहार में प्रतिदिन करीब 49.1 पेटाबाइट (PB) डेटा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है।
यह आंकड़ा इसलिए भी खास है क्योंकि डेटा खपत के मामले में बिहार ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट्र में रोजाना करीब 48.7 PB, जबकि उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में करीब 42.31 PB डेटा की खपत हो रही है। इसके अलावा गुजरात में करीब 42.2 PB और मध्य प्रदेश में 41.3 PB डेटा उपयोग का आंकड़ा दिया गया है।
बिहार में रोजाना 49.1 पेटाबाइट डेटा की खपत
दूरसंचार क्षेत्र से जुड़े आंकड़ों के अनुसार बिहार में हर दिन करीब 49.1 पेटाबाइट डेटा इस्तेमाल हो रहा है। एक पेटाबाइट में लगभग 10 लाख गीगाबाइट (GB) होते हैं। इस लिहाज से 49.1 PB डेटा बहुत बड़ा आंकड़ा है। रिपोर्ट में इसे करीब पांच करोड़ 14 लाख जीबी के बराबर बताया गया है।
बिहार में इंटरनेट की पहुंच लगातार बढ़ने और किफायती मोबाइल डेटा उपलब्ध होने से इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी आई है। स्मार्टफोन अब केवल शहरों तक सीमित नहीं हैं। छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में भी मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल पढ़ाई, मनोरंजन, सोशल मीडिया, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन सेवाओं के लिए किया जा रहा है। यही वजह है कि डेटा की मांग में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है।
YouTube बना देशभर में पहली पसंद
इंटरनेट डेटा खर्च करने के मामले में सबसे ज्यादा हिस्सा वीडियो स्ट्रीमिंग का दिखाई देता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार देशभर में कुल डेटा खपत में YouTube की हिस्सेदारी 24.3 प्रतिशत है। इसका मतलब है कि इंटरनेट पर खर्च होने वाले डेटा का करीब एक चौथाई हिस्सा YouTube पर वीडियो देखने में इस्तेमाल हो रहा है।
YouTube पर लंबे वीडियो के साथ-साथ Shorts और दूसरे मनोरंजन संबंधी कंटेंट की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ी है। लोग समाचार, संगीत, फिल्मी सामग्री, शिक्षा, टेक्नोलॉजी, खाना बनाने की जानकारी, यात्रा और मनोरंजन से जुड़े वीडियो देखने के लिए भी YouTube का इस्तेमाल करते हैं। वीडियो की क्वालिटी बढ़ने के साथ डेटा की खपत भी बढ़ जाती है।
खासकर HD और हाई-क्वालिटी वीडियो स्ट्रीमिंग में सामान्य टेक्स्ट या तस्वीरों की तुलना में कहीं अधिक डेटा खर्च होता है। ऐसे में स्मार्टफोन पर लंबे समय तक वीडियो देखने की आदत मोबाइल डेटा की कुल खपत को काफी प्रभावित करती है।
Instagram पर भी तेजी से बढ़ रहा डेटा खर्च
YouTube के बाद Instagram डेटा खपत के मामले में दूसरे स्थान पर बताया गया है। उपलब्ध आंकड़ों में Instagram की हिस्सेदारी 21.7 प्रतिशत है। Instagram Reels, फोटो, वीडियो और स्टोरीज देखने में यूजर्स का काफी समय बीतता है।
Reels की लोकप्रियता ने मोबाइल इंटरनेट इस्तेमाल का पैटर्न बदल दिया है। छोटी अवधि के वीडियो लगातार स्क्रॉल किए जाने के कारण यूजर कई वीडियो एक के बाद एक देखता रहता है। भले ही प्रत्येक वीडियो छोटा हो, लेकिन लंबे समय तक Reels देखने पर कुल डेटा खपत काफी बढ़ सकती है।
Instagram पर फोटो और वीडियो अपलोड करने वाले यूजर्स की संख्या बढ़ने से भी डेटा ट्रैफिक बढ़ता है। खासकर हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो अपलोड करने में ज्यादा डेटा खर्च होता है।
Facebook और Google भी डेटा खपत में आगे
आंकड़ों के मुताबिक Facebook की हिस्सेदारी 17.5 प्रतिशत बताई गई है। Facebook पर वीडियो, फोटो, पोस्ट और अन्य कंटेंट देखने के साथ-साथ लाइव वीडियो और Reels जैसी सुविधाओं का भी इस्तेमाल होता है।
वहीं Google की हिस्सेदारी 5.2 प्रतिशत बताई गई है। Google पर सर्च करने के अलावा यूजर्स विभिन्न वेबसाइटों, ऑनलाइन सेवाओं और दूसरी डिजिटल गतिविधियों तक पहुंचने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं।
इसके अलावा WhatsApp की हिस्सेदारी करीब 3.5 प्रतिशत बताई गई है। WhatsApp पर टेक्स्ट मैसेज की तुलना में फोटो, वीडियो, डॉक्यूमेंट और वीडियो कॉल जैसी सेवाएं ज्यादा डेटा खर्च कर सकती हैं।
डेटा खपत में बिहार के बाद महाराष्ट्र
दूरसंचार क्षेत्र के उपलब्ध आंकड़ों में बिहार सबसे ऊपर है। इसके बाद महाराष्ट्र का स्थान है। आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में प्रतिदिन करीब 48.7 PB डेटा इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके बाद उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में करीब 42.31 PB, गुजरात में 42.2 PB और मध्य प्रदेश में करीब 41.3 PB डेटा की खपत दर्ज की गई है।
यह तुलना बताती है कि मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। बिहार जैसे राज्यों में भी डिजिटल गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इंटरनेट की पहुंच, स्मार्टफोन की उपलब्धता और मोबाइल डेटा की बढ़ती उपयोगिता इसका प्रमुख कारण मानी जा सकती है।
आखिर इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है डेटा खपत?
मोबाइल इंटरनेट डेटा की खपत बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण वीडियो स्ट्रीमिंग है। YouTube, Instagram और दूसरे प्लेटफॉर्म पर वीडियो देखने में टेक्स्ट आधारित इंटरनेट इस्तेमाल की तुलना में ज्यादा डेटा खर्च होता है।
दूसरा बड़ा कारण सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल है। लोग सुबह से रात तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो, फोटो, रील्स और अन्य सामग्री देखते हैं। कई बार यूजर को यह पता भी नहीं चलता कि लगातार वीडियो देखने के दौरान कितनी मात्रा में डेटा खर्च हो चुका है।
तीसरा कारण ऑटो-डाउनलोड और ऑटो-अपडेट है। स्मार्टफोन में कई ऐप अपने आप अपडेट होते हैं। इसी तरह फोटो और वीडियो का बैकअप या क्लाउड सिंक्रोनाइजेशन भी मोबाइल डेटा का इस्तेमाल कर सकता है, खासकर तब जब वाई-फाई उपलब्ध न हो।
वीडियो की क्वालिटी बढ़ने से भी खर्च होता है ज्यादा डेटा
आज ज्यादातर स्मार्टफोन हाई-रिजॉल्यूशन स्क्रीन के साथ आते हैं। ऐसे में यूजर्स बेहतर क्वालिटी में वीडियो देखना पसंद करते हैं। HD या उससे ज्यादा क्वालिटी में वीडियो स्ट्रीम करने पर डेटा की खपत सामान्य वीडियो की तुलना में अधिक होती है।
इसके अलावा लाइव स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन गेमिंग जैसी गतिविधियां भी मोबाइल नेटवर्क पर डेटा का दबाव बढ़ाती हैं। इंटरनेट की स्पीड बेहतर होने के साथ यूजर्स अधिक मात्रा में डिजिटल कंटेंट इस्तेमाल करने लगे हैं।
बिहार के लिए क्या संकेत देता है यह आंकड़ा?
बिहार में इतनी अधिक डेटा खपत केवल मनोरंजन की बढ़ती आदत का संकेत नहीं है। यह राज्य में इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और डिजिटल गतिविधियों के विस्तार को भी दर्शाती है। ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल भुगतान, सरकारी सेवाओं, ऑनलाइन खरीदारी, सोशल मीडिया और मनोरंजन के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ा है।
ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में स्मार्टफोन के जरिए इंटरनेट इस्तेमाल बढ़ना डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। हालांकि डेटा खपत का बड़ा हिस्सा मनोरंजन आधारित प्लेटफॉर्म पर जा रहा है, इसलिए इस ट्रेंड को डिजिटल व्यवहार में आए बदलाव के तौर पर भी देखा जा सकता है।
आंकड़ों पर एक नजर
दूरसंचार क्षेत्र के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार दैनिक डेटा उपयोग:
बिहार — 49.1 PB
महाराष्ट्र — 48.7 PB
उत्तर प्रदेश पूर्व — 42.31 PB
गुजरात — 42.2 PB
मध्य प्रदेश — 41.3 PB
प्लेटफॉर्म के अनुसार डेटा उपयोग में हिस्सेदारी:
YouTube — 24.3 प्रतिशत
Instagram — 21.7 प्रतिशत
Facebook — 17.5 प्रतिशत
Google — 5.2 प्रतिशत
WhatsApp — 3.5 प्रतिशत
क्या आगे और बढ़ेगी मोबाइल डेटा की खपत?
जिस तेजी से स्मार्टफोन और हाई-स्पीड इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में मोबाइल डेटा की खपत और बढ़ने की संभावना है। 5G नेटवर्क के विस्तार के साथ हाई-क्वालिटी वीडियो, लाइव स्ट्रीमिंग, क्लाउड सेवाओं और अन्य डेटा-आधारित सेवाओं का इस्तेमाल भी बढ़ सकता है।
हालांकि डेटा खपत का वास्तविक स्तर यूजर्स की आदत, नेटवर्क उपलब्धता, वीडियो क्वालिटी, ऐप इस्तेमाल और मोबाइल प्लान जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है। इसलिए इन आंकड़ों को एक व्यापक डेटा-उपयोग ट्रेंड के रूप में देखना उचित होगा।
फिलहाल उपलब्ध आंकड़े एक दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं—बिहार में मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल देश के कई बड़े राज्यों से ज्यादा हो रहा है और YouTube देशभर में डेटा खपत का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बना हुआ है।