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बक्सर की बेटी श्वेता राय बनीं लंदन में SBI की अधिकारी

बक्सर/पटना। बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के डेहरी गांव की बेटी श्वेता राय ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। श्वेता राय का चयन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की लंदन शाखा के लिए हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर […]

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  • September 10, 2026 1:49 pm IST, Published 13 seconds ago

बक्सर/पटना। बिहार के बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के डेहरी गांव की बेटी श्वेता राय ने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिस पर पूरा क्षेत्र गर्व कर रहा है। श्वेता राय का चयन भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की लंदन शाखा के लिए हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंकिंग क्षेत्र में जिम्मेदारी संभालने जा रहीं श्वेता की सफलता ने उनके परिवार, गांव और पूरे इलाके में खुशी की लहर पैदा कर दी है।

श्वेता राय की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपनी पढ़ाई और पेशेवर जीवन में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया है। वह कोलकाता विश्वविद्यालय की स्वर्ण पदक विजेता (Gold Medalist) भी रही हैं। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में अपना करियर बनाया और अब भारतीय स्टेट बैंक के लंदन कार्यालय में अपनी सेवाएं देंगी।

डेहरी गांव से लंदन तक पहुंची श्वेता की कहानी

श्वेता राय बक्सर जिले के चौसा प्रखंड के डेहरी गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राज नारायण राय हैं, जो कोलकाता स्थित एक चाय कंपनी के प्रधान कार्यालय में कार्यरत रहे। वर्ष 2005 में वह राउरकेला की स्टील कंपनी में महाप्रबंधक (GM) के पद पर चले गए थे। बाद में सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने पैतृक गांव डेहरी में रह रहे हैं और खेती-किसानी से जुड़े हुए हैं।

श्वेता का बचपन मुख्य रूप से कोलकाता में बीता। उनके परिवार ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी। यही वजह है कि श्वेता ने पढ़ाई में लगातार शानदार प्रदर्शन किया और आगे चलकर बैंकिंग क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।

परिवार में श्वेता सबसे छोटी हैं। उनके बड़े भाई-बहनों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छी उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके बड़े भाई राजीव कुमार दिल्ली में पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन में डीजीएम (फाइनेंस) के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी बड़ी बहन स्मिता राय परास्नातक हैं और पूर्व में नौकरी कर चुकी हैं। वर्तमान में वह कोलकाता में परिवार के साथ रहती हैं।

कोलकाता विश्वविद्यालय से मिली बड़ी पहचान

श्वेता राय की शैक्षणिक उपलब्धियों की बात करें तो वह कोलकाता विश्वविद्यालय की स्वर्ण पदक विजेता रही हैं। विश्वविद्यालय में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उनके आगे के करियर की मजबूत नींव तैयार की।

उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद श्वेता ने बैंकिंग क्षेत्र में कदम रखा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उनकी पहली नौकरी IDBI Bank में लगी थी। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक का रुख किया और SBI में अपनी पेशेवर यात्रा आगे बढ़ाई।

बैंकिंग क्षेत्र में काम करते हुए श्वेता ने वर्षों का अनुभव हासिल किया। कोलकाता में उन्होंने लगभग छह-सात वर्षों तक बैंकिंग सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और ब्रांच मैनेजर के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

यही अनुभव आगे चलकर उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी का आधार बना।

SBI की लंदन शाखा के लिए हुआ चयन

श्वेता राय के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि उस समय सामने आई, जब उनका चयन भारतीय स्टेट बैंक की लंदन शाखा के लिए हुआ। समाचार clipping में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह 7 सितंबर को पदभार ग्रहण करेंगी। इससे पहले वह 5 सितंबर को कोलकाता से लंदन के लिए रवाना हो चुकी थीं।

श्वेता का लंदन जाना सिर्फ उनके व्यक्तिगत करियर की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार और गांव के लिए भी गौरव का क्षण है। एक छोटे से गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग व्यवस्था में जिम्मेदारी संभालना निश्चित रूप से युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

उनके चयन की खबर सामने आने के बाद परिवार और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने श्वेता की सफलता पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

IDBI से शुरू हुआ सफर, SBI तक पहुंचा

श्वेता राय की पेशेवर यात्रा को देखें तो इसमें निरंतर आगे बढ़ने की कहानी दिखाई देती है। एलएलबी की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने IDBI Bank से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह भारतीय स्टेट बैंक से जुड़ीं।

SBI में काम करते हुए उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की विभिन्न जिम्मेदारियों को करीब से समझा। कोलकाता में कई वर्षों तक काम करने के दौरान उन्होंने ग्राहकों, बैंकिंग संचालन और प्रबंधन से जुड़ी जिम्मेदारियों का अनुभव हासिल किया।

ब्रांच मैनेजर के तौर पर काम करने का अनुभव भी उनके करियर में महत्वपूर्ण रहा। बैंकिंग क्षेत्र में जिम्मेदार पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी कार्यक्षमता साबित की और आगे बढ़ने के अवसर हासिल किए।

अब लंदन शाखा के लिए उनका चयन उनके करियर का एक नया अध्याय है। अंतरराष्ट्रीय शाखा में काम करने से उन्हें वैश्विक बैंकिंग व्यवस्था को समझने और भारतीय बैंकिंग संस्थान का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

परिवार की मेहनत और संस्कारों का भी योगदान

श्वेता राय की सफलता के पीछे उनकी व्यक्तिगत मेहनत के साथ-साथ परिवार के सहयोग और संस्कारों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके पिता राज नारायण राय ने अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं और सेवानिवृत्ति के बाद पैतृक गांव से जुड़े हुए हैं।

परिवार में शिक्षा और पेशेवर उपलब्धियों का माहौल रहा है। उनके बड़े भाई राजीव कुमार वित्तीय क्षेत्र में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं। बड़ी बहन स्मिता राय भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं। ऐसे वातावरण में श्वेता को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन मिला।

उनकी उपलब्धि यह भी बताती है कि परिवार और समाज का सकारात्मक सहयोग किसी प्रतिभाशाली व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कितनी मदद कर सकता है।

गांव के युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

श्वेता राय का लंदन जाना बक्सर जैसे क्षेत्र के युवाओं के लिए खास संदेश लेकर आया है। अक्सर छोटे शहरों और गांवों के विद्यार्थियों के सामने संसाधनों और अवसरों को लेकर कई चुनौतियां होती हैं। इसके बावजूद अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार जारी रखी जाए तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है।

श्वेता ने अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, कानून की शिक्षा हासिल की, बैंकिंग क्षेत्र में कदम रखा और धीरे-धीरे जिम्मेदार पदों तक पहुंचीं। अब वह लंदन में SBI की शाखा से जुड़कर अपने पेशेवर जीवन को नई ऊंचाई देने जा रही हैं।

उनकी कहानी उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो छोटे शहरों या ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर बड़े संस्थानों में करियर बनाने का सपना देखते हैं।

चयन पर चाचा समेत पूरे परिवार ने जताई खुशी

श्वेता राय के चयन की खबर से उनके परिवार में खास उत्साह है। उपलब्ध समाचार के अनुसार, उनके चयन पर चाचा मनोज कुमार राय समेत पूरे परिवार और ग्रामीणों ने हर्ष व्यक्त किया है।

परिवार के लिए यह क्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि श्वेता ने शिक्षा से लेकर नौकरी तक हर पड़ाव पर अपनी क्षमता साबित की है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर SBI की लंदन शाखा में जिम्मेदारी मिलना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है।

डेहरी गांव और बक्सर जिले के लिए भी यह गर्व का विषय है कि यहां की बेटी अब लंदन में भारतीय बैंकिंग संस्था के साथ अपनी सेवाएं देगी।

श्वेता की उपलब्धि में छिपा बड़ा संदेश

श्वेता राय की कहानी केवल एक नौकरी में चयन की खबर नहीं है। यह छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की सफलता की कहानी है। उनकी शैक्षणिक उपलब्धि, बैंकिंग क्षेत्र का अनुभव और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

कोलकाता विश्वविद्यालय की स्वर्ण पदक विजेता बनने से लेकर IDBI Bank से करियर शुरू करने और SBI में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद लंदन शाखा तक पहुंचना उनके पेशेवर सफर की लंबी यात्रा को दर्शाता है।

उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि प्रतिभा को अगर सही दिशा, मेहनत और अवसर मिले तो भौगोलिक सीमाएं सफलता की राह में बाधा नहीं बनतीं। बक्सर के डेहरी गांव की श्वेता राय अब लंदन में अपने नए कार्यभार के साथ करियर की नई शुरुआत करने जा रही हैं।

नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पदनाम और नियुक्ति से संबंधित विवरण उसी सामग्री के अनुसार रखे गए हैं।

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