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IRCTC टिकट बुकिंग में बड़ा झटका, 2 महीने पहले भी सिस्टम हुआ फेल

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ट्रेन से घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुक करने के दौरान कई यात्रियों को “High Load – Please Retry” जैसे संदेश का सामना […]

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  • September 10, 2026 11:00 am IST, Published 29 minutes ago

नई दिल्ली: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ट्रेन से घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भारतीय रेलवे की ऑनलाइन टिकट बुकिंग सेवा IRCTC की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर टिकट बुक करने के दौरान कई यात्रियों को “High Load – Please Retry” जैसे संदेश का सामना करना पड़ रहा है। खासकर सुबह के समय, जब बड़ी संख्या में यात्री एडवांस रिजर्वेशन खुलते ही टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं, तब सिस्टम पर दबाव बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और यात्रियों की शिकायतों में इस समस्या का जिक्र तेजी से बढ़ा है। यात्रियों का कहना है कि टिकट बुकिंग विंडो खुलने के बाद वेबसाइट या ऐप पर सीट उपलब्ध दिखाई देने के बावजूद बुकिंग की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही। कई मामलों में पैसेंजर डिटेल भरने या भुगतान के चरण तक पहुंचने के बाद भी प्रक्रिया अटकने की शिकायतें हैं।

60 दिन पहले खुलती है ट्रेन टिकट बुकिंग

भारतीय रेलवे ने 1 नवंबर 2024 से सामान्य एडवांस रिजर्वेशन पीरियड यानी ARP को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया था। यात्रा की तारीख को छोड़कर यात्री सामान्य तौर पर 60 दिन पहले टिकट आरक्षित कर सकते हैं। रेलवे के मुताबिक इस बदलाव का उद्देश्य वास्तविक यात्रियों की मांग को बेहतर तरीके से समझना और अनावश्यक कैंसिलेशन को कम करना था।

ऐसे में दीपावली और अन्य त्योहारों के दौरान घर जाने वाले लाखों यात्रियों के लिए टिकट बुकिंग का शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। लोकप्रिय रूटों पर सीटें तेजी से भरती हैं और यात्रियों की बड़ी संख्या एक ही समय पर ऑनलाइन सिस्टम का इस्तेमाल करती है।

सुबह टिकट खुलते ही बढ़ रहा सर्वर पर दबाव

रिपोर्टों और यात्रियों के अनुभवों के मुताबिक सुबह एडवांस बुकिंग शुरू होने के आसपास IRCTC प्लेटफॉर्म पर भारी ट्रैफिक देखने को मिल रहा है। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें लगातार High Load का संदेश मिलता रहा और कई बार रिफ्रेश करने के बावजूद बुकिंग प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी।

कुछ यात्रियों की शिकायत यह भी है कि एक डिवाइस या ऐप से परेशानी होने पर वेबसाइट, दूसरे डिवाइस या वैकल्पिक प्लेटफॉर्म से कोशिश करने के बावजूद समान समस्या दिखाई दी। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने स्क्रीनशॉट और अपने अनुभव साझा किए हैं। हालांकि, हर रूट और हर यात्री के लिए स्थिति एक जैसी नहीं रही है।

सीट उपलब्ध, फिर भी टिकट कन्फर्म नहीं

सबसे बड़ी परेशानी उस समय होती है जब ट्रेन में सीट उपलब्ध दिखाई देती है, लेकिन बुकिंग के अंतिम चरण में सिस्टम प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है। यात्री सीट चुनने, यात्री विवरण भरने और भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी टिकट कन्फर्मेशन का इंतजार करते रह जाते हैं।

कुछ यात्रियों ने भुगतान से जुड़ी परेशानियों की भी शिकायत की है। ऐसे मामलों में भुगतान सफल होने के बाद टिकट बुकिंग की स्थिति स्पष्ट होने में समय लग सकता है। इसलिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि भुगतान के बाद तुरंत दोबारा भुगतान करने से पहले अपने IRCTC बुकिंग हिस्ट्री और बैंक/UPI स्टेटस की जांच करें।

त्योहारों से पहले बढ़ी टिकटों की मांग

दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के दौरान दिल्ली, मुंबई, पुणे, गुजरात, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य बड़े शहरों से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड तथा दूसरे राज्यों की ओर जाने वाली ट्रेनों में मांग काफी बढ़ जाती है।

8 नवंबर 2026 को दिवाली है और त्योहार से पहले घर जाने के लिए यात्री एडवांस में सीट सुरक्षित करना चाहते हैं। इसी वजह से टिकट बुकिंग शुरू होने के समय सिस्टम पर अचानक ट्रैफिक बढ़ना स्वाभाविक है। हालिया रिपोर्टों में भी IRCTC वेबसाइट, ऐप और RailOne से जुड़ी हाई-लोड समस्या के कारण यात्रियों को परेशानी होने की बात सामने आई है।

रेलवे पहले ही बढ़ा चुका है PRS सिस्टम की क्षमता

यात्रियों की बढ़ती ऑनलाइन निर्भरता को देखते हुए रेलवे ने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी PRS को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। अगस्त 2025 में रेलवे मंत्रालय ने बताया था कि मौजूदा सिस्टम करीब 25,000 टिकट प्रति मिनट बुक करने की क्षमता रखता है और नए आधुनिक सिस्टम को इससे चार गुना से अधिक क्षमता के लिए तैयार किया जा रहा है। रेलवे ने क्लाउड तकनीक, हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और सुरक्षा ढांचे को अपग्रेड करने की योजना की जानकारी भी दी थी।

इसके बावजूद पीक बुकिंग के समय यात्रियों को तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ना सिस्टम की क्षमता और वास्तविक समय के ट्रैफिक मैनेजमेंट पर सवाल खड़े करता है।

यात्रियों के लिए क्या है रास्ता?

अगर IRCTC पर टिकट बुक करते समय हाई-लोड की समस्या आ रही है तो यात्री लगातार रिफ्रेश करने के बजाय कुछ मिनट बाद दोबारा प्रयास कर सकते हैं। इंटरनेट कनेक्शन स्थिर रखना, यात्री विवरण पहले से तैयार रखना और भुगतान के लिए उपलब्ध विकल्पों को पहले से सक्रिय रखना प्रक्रिया को आसान बना सकता है।

यात्रियों को टिकट बुक करने के लिए केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना चाहिए। किसी अनजान व्यक्ति या अनधिकृत एजेंट को OTP, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या UPI पिन साझा नहीं करना चाहिए।

क्या आम यात्रियों को मिलेगा जल्द समाधान?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि एडवांस बुकिंग के समय आने वाली हाई-लोड समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। रेलवे पहले ही आधुनिक PRS और अधिक क्षमता वाले सिस्टम पर काम करने की जानकारी दे चुका है। ऐसे में यात्रियों की उम्मीद है कि त्योहारों के पीक सीजन में ऑनलाइन टिकट बुकिंग को अधिक स्थिर और तेज बनाया जाएगा।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे देश में IRCTC की टिकट बुकिंग पूरी तरह बंद है। समस्या मुख्य रूप से अधिक ट्रैफिक और कुछ समयावधियों में सिस्टम पर बढ़ते लोड से जुड़ी बताई जा रही है। इसलिए यात्रियों को घबराने के बजाय आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर स्थिति जांचकर दोबारा प्रयास करना चाहिए।

निष्कर्ष: 60 दिन पहले टिकट बुक करने की सुविधा होने के बावजूद अगर बुकिंग के महत्वपूर्ण समय पर वेबसाइट और ऐप हाई-लोड दिखाने लगें, तो यात्रियों के लिए एडवांस प्लानिंग मुश्किल हो जाती है। त्योहारों के दौरान जब लाखों लोग एक साथ टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं, तब IRCTC के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेज, स्थिर और भरोसेमंद बुकिंग अनुभव उपलब्ध कराना होगी।

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