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BRICS Summit से पहले दिल्ली के होटल फुल, किराया पहुंचा 2.33 लाख

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित BRICS Summit से पहले होटल कारोबार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज होने के साथ ही सेंट्रल दिल्ली और आसपास के प्रमुख इलाकों में होटल कमरों की मांग अचानक बढ़ गई है। स्थिति यह […]

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  • September 10, 2026 7:31 am IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को प्रस्तावित BRICS Summit से पहले होटल कारोबार में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। शिखर सम्मेलन को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज होने के साथ ही सेंट्रल दिल्ली और आसपास के प्रमुख इलाकों में होटल कमरों की मांग अचानक बढ़ गई है। स्थिति यह है कि कई लग्जरी होटलों में इन तारीखों के आसपास कमरे उपलब्ध नहीं हैं, जबकि जिन होटलों में सीमित विकल्प बचे हैं, वहां किराये में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

होटल उद्योग से जुड़े मौजूदा हालात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई एक रिपोर्ट के जरिए भी दिखाई गई है। इसमें दावा किया गया है कि BRICS Summit के चलते राजधानी के प्रमुख होटलों में कमरों की बुकिंग तेजी से हुई है। खासतौर पर सेंट्रल दिल्ली के लग्जरी होटल इस बढ़ती मांग से सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आ रहे हैं।

एक रात के कमरे का किराया 2.33 लाख रुपये तक

रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के प्रमुख लग्जरी होटलों में सामान्य दिनों की तुलना में कमरे के किराये में काफी अंतर देखने को मिल रहा है। कुछ होटल वेबसाइटों पर एक रात के लिए कमरे की कीमत करीब 2.33 लाख रुपये तक पहुंचने का दावा किया गया है। वहीं, थर्ड-पार्टी बुकिंग प्लेटफॉर्म पर इसी तरह के कमरे की कीमत करीब ढाई लाख रुपये तक दिखाई दे रही है।

इससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजन का असर सिर्फ सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव दिल्ली के होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर भी पड़ रहा है।

Taj Mahal, ITC Maurya और The Lalit में बढ़ी मांग

BRICS Summit से पहले राजधानी के चर्चित होटलों में कमरों की उपलब्धता बेहद सीमित बताई जा रही है। Taj Mahal Hotel, ITC Maurya और The Lalit जैसे प्रमुख होटलों में सम्मेलन की तारीखों के आसपास कमरों की मांग काफी बढ़ गई है।

इन होटलों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी का अनुभव इन्हें बड़े आयोजनों के दौरान खास महत्व देता है। ऐसे में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों, अधिकारियों, कारोबारी प्रतिनिधियों और अन्य वीआईपी मेहमानों के दिल्ली पहुंचने की संभावना के बीच होटल कमरों की मांग बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है।

थर्ड-पार्टी वेबसाइट पर और महंगे कमरे

होटल बुकिंग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उस समय शुरू हुई जब कुछ थर्ड-पार्टी वेबसाइटों पर कमरों की कीमत सामान्य दरों से काफी ज्यादा दिखाई देने लगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कुछ कमरों के लिए एक रात का किराया करीब ढाई लाख रुपये तक पहुंचता दिख रहा है।

हालांकि, होटल की अंतिम कीमत कई बातों पर निर्भर करती है। कमरे की श्रेणी, बुकिंग का समय, उपलब्धता, टैक्स, रिफंड नियम और बुकिंग प्लेटफॉर्म के शुल्क के कारण कीमतों में अंतर हो सकता है। इसलिए ऑनलाइन दिखाई देने वाली दर को हर स्थिति में होटल की अंतिम बिक्री कीमत नहीं माना जा सकता।

फिर भी, मौजूदा बुकिंग ट्रेंड यह संकेत देता है कि BRICS Summit ने दिल्ली के प्रीमियम होटल बाजार में मांग को काफी बढ़ाया है।

आखिर क्यों बढ़ गई होटल कमरों की मांग?

BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल, सरकारी अधिकारी, राजनयिक, सुरक्षा अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और अन्य संबंधित लोग राजधानी में पहुंचते हैं। ऐसे बड़े आयोजन में प्रतिनिधियों के ठहरने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक स्थानों की जरूरत होती है।

सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख होटल पहले से ही सरकारी और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के लिए पसंदीदा विकल्प रहे हैं। इसके अलावा इन होटलों की प्रमुख सरकारी इमारतों, सम्मेलन स्थलों और केंद्रीय इलाकों से कनेक्टिविटी भी इन्हें महत्वपूर्ण बनाती है।

इसी वजह से सम्मेलन की तारीखें नजदीक आने के साथ कमरे तेजी से बुक होने लगे हैं। मांग और सीमित उपलब्धता का यही अंतर होटल की कीमतों पर दबाव बढ़ा सकता है।

दिल्ली में BRICS Summit की तैयारियां तेज

12 और 13 सितंबर को होने वाले BRICS Summit को लेकर राजधानी में प्रशासनिक और सुरक्षा स्तर पर तैयारियां तेज हैं। बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाता है और वीआईपी मूवमेंट के कारण ट्रैफिक प्लान में भी बदलाव किए जा सकते हैं।

सम्मेलन से पहले होटल बुकिंग में आया उछाल भी इसी बड़े आयोजन के व्यापक प्रभाव का हिस्सा माना जा रहा है। आयोजन जितना करीब आ रहा है, होटल कमरों की उपलब्धता उतनी ही सीमित होती जा रही है।

आम यात्रियों के लिए क्या है असर?

होटल किराये में बढ़ोतरी का असर उन यात्रियों पर भी पड़ सकता है जिन्हें इन तारीखों के आसपास दिल्ली आना है। खासकर सेंट्रल दिल्ली और प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में कमरों की उपलब्धता कम होने से यात्रियों को वैकल्पिक क्षेत्रों में होटल तलाशने पड़ सकते हैं।

जो लोग पहले से दिल्ली आने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए होटल बुकिंग में देरी महंगी साबित हो सकती है। वहीं, सम्मेलन समाप्त होने के बाद मांग सामान्य होने पर होटल दरों में दोबारा बदलाव देखने को मिल सकता है।

होटल इंडस्ट्री के लिए बड़ा मौका

BRICS Summit जहां यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए होटल खर्च बढ़ा सकता है, वहीं हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री के लिए यह बड़ा कारोबारी अवसर भी है। अधिक ऑक्यूपेंसी, प्रीमियम रूम बुकिंग और विदेशी मेहमानों की मौजूदगी से होटल कारोबार को फायदा मिलने की उम्मीद रहती है।

फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि सम्मेलन से पहले दिल्ली के कुछ लग्जरी होटलों में एक रात के कमरे की कीमत लाखों रुपये तक पहुंचती दिखाई दे रही है। 2.33 लाख रुपये तक के किराये का दावा सोशल मीडिया और ऑनलाइन बुकिंग स्क्रीनशॉट के जरिए चर्चा में है। हालांकि, वास्तविक दर होटल, कमरे की श्रेणी और बुकिंग की शर्तों के अनुसार अलग हो सकती है।

नोट: होटल किराये और कमरे की उपलब्धता समय के साथ बदल सकती है। प्रकाशित कीमतों में टैक्स, बुकिंग शुल्क और अन्य चार्ज शामिल या अलग हो सकते हैं। इसलिए बुकिंग से पहले संबंधित होटल या आधिकारिक बुकिंग प्लेटफॉर्म पर अंतिम कीमत की पुष्टि करना जरूरी है।

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