नई दिल्ली: दिल्ली में चुनावी प्रक्रिया और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं का विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन के सांसद गांधी स्मारक पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना देंगे और वहां प्रार्थना करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन मुद्दों को लेकर है जिन्हें विपक्ष देश और लोकतंत्र के लिए गंभीर मानता है।
खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सांसद गांधी स्मारक पर एकत्र होंगे और शांतिपूर्वक बैठकर प्रार्थना करेंगे कि केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व को सद्बुद्धि मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जिस तरीके से काम कर रही है, वह देश के हित में नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों के साथ-साथ महंगाई, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी विरोध प्रदर्शन का प्रमुख कारण बताया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष का मानना है कि सरकार की नीतियों का असर आम जनता पर पड़ रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में महंगाई बढ़ रही है और युवाओं के सामने रोजगार तथा भविष्य से जुड़ी कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है और सांसद इसी अधिकार के तहत शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
खरगे ने गांधी स्मारक पर प्रस्तावित धरने को महात्मा गांधी के विचारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ते हुए कहा कि विपक्ष वहां जाकर प्रार्थना करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारों और आजादी के लिए देश ने लंबा संघर्ष किया, उन्हें कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने विशेष रूप से नागरिकों के मताधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसे लेकर किसी भी तरह का संदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।
वहीं, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार और निर्वाचन व्यवस्था पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के करीब 300 सांसद शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें पिछले दो दिनों से विरोध करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्षी सांसदों को जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन से रोका गया और वहां मौजूद उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट हुई।
राहुल गांधी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इन लोगों ने मिलकर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश की है। राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ और संविधान को कमजोर किए जाने जैसे आरोप दोहराते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का संघर्ष लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि विपक्ष इस मामले में कार्रवाई की मांग करता रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों पर वह आरोप लगा रहे हैं, उनके खिलाफ भविष्य में कानूनी कार्रवाई होगी और उन्हें सजा दिलाई जाएगी। कांग्रेस नेता ने इसे विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई के साथ-साथ लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का अभियान बताया।
इंडिया गठबंधन के सांसदों के गांधी स्मारक जाने और वहां शांतिपूर्ण धरना देने के ऐलान के बाद राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विपक्ष ‘वोट चोरी’, महंगाई, युवाओं की समस्याओं और संविधान से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, इन आरोपों को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और सड़क, दोनों जगह विपक्ष और सरकार के बीच टकराव का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है।