अमृतसर: श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रविवार देर रात संदिग्ध ड्रोन जैसी वस्तुएं दिखाई देने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। एयरपोर्ट पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने आसमान में दो से तीन अज्ञात वस्तुओं को उड़ते हुए देखा। इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर उठाए गए एहतियाती कदमों का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा और अमृतसर पहुंचने वाली तीन उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा। बाद में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और जरूरी जांच के बाद हवाई अड्डे का संचालन सामान्य कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात करीब 9:30 बजे की है। एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ के जवानों की नजर अत्यधिक ऊंचाई पर उड़ रही दो से तीन अज्ञात वस्तुओं पर पड़ी। शुरुआती तौर पर इनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी, लेकिन उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने के कारण सुरक्षा कर्मियों ने बिना देरी किए कंट्रोल रूम को जानकारी दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने स्थिति का आकलन किया और संभावित सुरक्षा जोखिम को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए।
संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के कुछ ही समय बाद हवाई यातायात प्रभावित हुआ। रात करीब 9:32 बजे अमृतसर आने वाली तीन उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर भेजने का निर्णय लिया गया। इनमें एयर इंडिया, इंडिगो और मलेशिया एयरलाइंस की उड़ानें शामिल थीं। उड़ानों के मार्ग में बदलाव यात्रियों की सुरक्षा और हवाई अड्डे पर सतर्कता बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया।
दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की उड़ान एआई-855 को वापस दिल्ली भेज दिया गया। वहीं, मुंबई से अमृतसर पहुंचने वाली इंडिगो की उड़ान 6ई-5028 का मार्ग बदलकर उसे चंडीगढ़ भेजा गया। इसके अलावा, कुआलालंपुर से अमृतसर आ रही मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान एमएच-118 को दिल्ली की ओर डायवर्ट कर दिया गया। इन बदलावों के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त इंतजार करना पड़ा।
चंडीगढ़ हवाई अड्डे के प्रबंधक ने इंडिगो की उड़ान का मार्ग बदले जाने की पुष्टि की। जानकारी के मुताबिक, विमान रात करीब 10:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचा। इसके बाद आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने पर विमान रात 11:25 बजे अमृतसर के लिए रवाना हो गया। इस घटनाक्रम के दौरान यात्रियों को हुई असुविधा के बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानों के संचालन से जुड़े फैसले लिए गए। घटना के बाद हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आसमान में दिखाई देने वाली वस्तुएं वास्तव में ड्रोन थीं या कोई अन्य उपकरण। उनकी उड़ान की दिशा, गतिविधियों और संभावित उद्देश्य को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन वस्तुओं को किसने उड़ाया था और वे कहां से संचालित हो रही थीं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
अमृतसर हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन जैसी गतिविधियों की सूचना पहले भी सामने आ चुकी है। जानकारी के अनुसार, अगस्त में भी इस क्षेत्र में ऐसी गतिविधि की खबर मिली थी, जिसके बाद कुछ उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा था। रविवार की घटना ने एक बार फिर हवाई अड्डों के आसपास निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता की जरूरत को रेखांकित किया है। फिलहाल, सुरक्षा संबंधी समीक्षा और आवश्यक जांच के बाद एयरपोर्ट का संचालन सामान्य कर दिया गया है। संबंधित एजेंसियां संदिग्ध वस्तुओं की पहचान और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों का पता लगाने में जुटी हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रविवार रात दिखाई दी गतिविधि से किसी वास्तविक खतरे की आशंका थी या नहीं।