बताया जा रहा है कि सीबीआई की अलग-अलग टीमें पंजाब के मोहाली और संगरूर में भी पहुंचीं। इन स्थानों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जांच टीमों ने अपनी कार्रवाई शुरू की। एक साथ कई स्थानों पर सीबीआई की मौजूदगी को लेकर पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि जांच का मुख्य आधार क्या है और किन दस्तावेजों या मामलों से संबंधित जानकारी सीबीआई जुटा रही है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस को पंजाब सरकार से जुड़े महत्वपूर्ण कामकाज का केंद्र माना जाता है। ऐसे में यहां केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। कैंप ऑफिस के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने की सूचना है और आवाजाही पर भी निगरानी रखी जा रही है।
मोहाली और संगरूर में सीबीआई टीमों की मौजूदगी ने इस कार्रवाई का दायरा और बढ़ा दिया है। जांच एजेंसी की ओर से फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि सीबीआई की कार्रवाई किसी विशेष मामले की जांच के सिलसिले में है या किसी शिकायत अथवा दस्तावेजों के आधार पर प्रारंभिक जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस में कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में भी प्रतिक्रियाओं का इंतजार किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही कार्रवाई की प्रकृति और उसके राजनीतिक प्रभाव को लेकर तस्वीर और साफ हो सकेगी।
किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई के दौरान दस्तावेजों की जांच, रिकॉर्ड की पड़ताल और संबंधित लोगों से पूछताछ जैसी प्रक्रियाएं अपनाई जा सकती हैं। हालांकि, मौजूदा कार्रवाई में सीबीआई ने किन दस्तावेजों या रिकॉर्ड को जांच के दायरे में लिया है, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मंगलवार शाम शुरू हुई इस कार्रवाई पर अब पंजाब सरकार, आम आदमी पार्टी और विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। साथ ही, सीबीआई की ओर से आने वाली आधिकारिक जानकारी यह स्पष्ट कर सकती है कि जांच किस मामले से जुड़ी है, किन लोगों या संस्थानों से संबंधित रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है और आगे की कार्रवाई क्या होगी।
फिलहाल चंडीगढ़, मोहाली और संगरूर में सीबीआई टीमों की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बनी हुई है। आधिकारिक पुष्टि और जांच एजेंसी के बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।