नयी दिल्लीः चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के चुनाव परिणामों ने देश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में हुए विधान परिषद सदस्य (MLC) चुनावों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी जिन सीटों पर चुनाव मैदान में उतरी थी, उनमें से किसी पर भी जीत दर्ज नहीं कर सकी। इसी मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसा। उन्होंने बैलेट पेपर से चुनाव होने का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इन चुनावों में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पोस्ट में चार राज्यों का जिक्र किया और कहा कि कुल 28 सीटों पर चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे। इसके बाद उन्होंने लोगों से कांग्रेस की जीत का अनुमान लगाने को कहा। पोस्ट के साथ उन्होंने एक इमोजी भी साझा किया। उनके इस संदेश को कांग्रेस की चुनावी उपलब्धियों पर राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है।
इन चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि पार्टी मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठाती रही है। बैलेट पेपर से हुए चुनावों में भी पार्टी को जीत नहीं मिलने के मुद्दे को भाजपा ने कांग्रेस के राजनीतिक रुख पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल किया है। हालांकि, चुनाव परिणामों के आधार पर किसी व्यापक चुनावी प्रक्रिया को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना अलग विषय है। चारों राज्यों में विधान परिषद की कुल 28 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इनमें उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की आठ, महाराष्ट्र की पांच और कर्नाटक की चार सीटें शामिल थीं। मतगणना 27 अक्टूबर से शुरू हुई और 28 अक्टूबर को भी कई सीटों पर नतीजों तथा रुझानों की प्रक्रिया जारी रही।
MLC elections in 28 seats across 4 big states – Uttar Pradesh, Maharashtra, Bihar and Karnataka.
Elections held using ballot papers.
Guess how many seats Congress won? 🧐
— Narendra Modi (@narendramodi) October 28, 2026
कर्नाटक में कांग्रेस को विशेष रूप से निराशा का सामना करना पड़ा। राज्य की चारों सीटों पर भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन ने जीत दर्ज की। भाजपा ने तीन सीटें अपने नाम कीं, जबकि जेडीएस ने बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत हासिल की। यह सीट पहले कांग्रेस के पास थी। राज्य में सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली।
बिहार में कांग्रेस ने आठ में से पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज पार्टी ने जीत दर्ज की, जबकि पटना शिक्षक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार ने सफलता हासिल की। इन नतीजों ने बिहार में विपक्षी दलों के बीच तालमेल और चुनावी रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज कर दी है।
महाराष्ट्र में कांग्रेस ने पांच में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी। वहीं, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने इन 11 सीटों पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा। राज्य में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच मुख्य मुकाबला रहा। उत्तर प्रदेश के नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों के लिए अहम माने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणी के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। भाजपा इस प्रदर्शन को कांग्रेस के लिए राजनीतिक झटके के रूप में पेश कर रही है, जबकि इन चुनावों के नतीजों का व्यापक राजनीतिक असर आने वाले समय में दूसरे चुनावों और गठबंधन की रणनीतियों में दिखाई दे सकता है।