हिमाचल सरकार का फैसला, 3100 शिक्षकों की भर्ती को मंजूरी

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षण मानकों में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम बेहतर बनाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने और...

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  • October 28, 2026 4:40 pm IST, Published 1 hour ago

शिमला:  हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने और सीबीएसई पाठ्यक्रम के तहत पढ़ाई को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने दूसरे चरण में कुल 3,100 शिक्षकों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें अंग्रेजी और गणित के 600 शिक्षक शामिल हैं, जबकि 14 अन्य विषयों में 2,500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। चयनित शिक्षकों को हर महीने 30 हजार रुपये का निश्चित मानदेय दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान करना है।

सरकार की योजना के तहत अंग्रेजी विषय के 240 और गणित के 360 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इन दोनों विषयों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। अंग्रेजी और गणित में बेहतर शिक्षण व्यवस्था से विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिल सकती है। सरकार ने इन पदों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को भी अनिवार्य योग्यता बनाया है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में निर्धारित शैक्षणिक मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अतिरिक्त 14 विषयों में 2,500 शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। विषयवार पदों के अनुसार हिंदी के 240, राजनीति विज्ञान के 199, इतिहास के 199 और अर्थशास्त्र के 202 शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। विज्ञान विषयों में भौतिक विज्ञान के 120, रसायन विज्ञान के 120 और जीव विज्ञान के 240 पद निर्धारित किए गए हैं। संस्कृत विषय के लिए 240 तथा कंप्यूटर शिक्षा के लिए 120 शिक्षकों की भर्ती होगी।

अन्य विषयों में संगीत के 120, वाणिज्य के 240, शारीरिक शिक्षा के 240 और ललित कला के 220 पद शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग विषयों में शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में पढ़ाई का दायरा बढ़ाने और विद्यार्थियों को विविध विषयों में बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की योजना है। हालांकि, नियुक्तियों का वास्तविक लाभ तभी पूरी तरह सामने आएगा, जब चयन प्रक्रिया समय पर पूरी होगी और शिक्षकों को जरूरत वाले स्कूलों में तैनात किया जाएगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन सभी पदों पर चयन हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा आयोजित करके किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत आगे बढ़ाया जा सकेगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित पात्रता, आवेदन की समयसीमा, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य शर्तों के लिए आयोग की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर रखनी होगी। फिलहाल घोषित पदों और मानदेय के आधार पर शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि राज्य सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और शिक्षण मानकों में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके मुताबिक, विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम बेहतर बनाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने और विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। हिमाचल प्रदेश में शिक्षकों की यह भर्ती ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, विषय विशेषज्ञों की उपलब्धता और विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक वातावरण देने पर जोर दिया जा रहा है।

अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, वाणिज्य, कंप्यूटर और अन्य विषयों के लिए शिक्षकों की नियुक्ति से स्कूलों में विषयवार शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। अब भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों पर अभ्यर्थियों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों की नजर रहेगी। प्रतियोगी परीक्षा, चयन सूची और नियुक्ति से संबंधित विस्तृत कार्यक्रम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिक्षकों की तैनाती किस समय तक पूरी हो सकेगी। सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ावा मिलने और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने की उम्मीद है।

 

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