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हिमाचल सरकार का प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों के विभाग और जिम्मेदारियां बदलीं

विश्वविद्यालय में हुए पिछले घटनाक्रम और अब रजिस्ट्रार के तबादले को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा हो रही है। हालांकि, सरकार की अधिसूचना में इस बदलाव के पीछे किसी विवाद को आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इसे नियमित प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

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Gauravshali Bharat News
  • October 31, 2026 6:00 pm IST, Published 35 minutes ago

शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में फेरबदल करते हुए हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) के अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। कार्मिक विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल में मंडी जिले के सरकाघाट में नए एसडीएम की नियुक्ति के साथ नौणी स्थित डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के पद पर भी बदलाव किया गया है। सरकार के इन आदेशों के बाद संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, सरकाघाट के वर्तमान एसडीएम राजेंद्र कुमार गौतम को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें आगामी तैनाती के लिए शिमला सचिवालय स्थित कार्मिक विभाग (पूल) में रिपोर्ट करने को कहा गया है। फिलहाल उनकी अगली नियुक्ति को लेकर विभाग की ओर से अलग से आदेश जारी किए जाने की संभावना है।

वहीं, डिजिटल टेक्नोलॉजीज एंड गवर्नेंस शिमला में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत कृष्ण कुमार शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मंडी जिले के सरकाघाट का नया उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद वह सरकाघाट में प्रशासनिक कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्थानीय स्तर पर राजस्व, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों से जुड़े प्रशासनिक मामलों की निगरानी एसडीएम की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होती है।

इस प्रशासनिक फेरबदल का असर सोलन जिले के नौणी स्थित डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय पर भी पड़ा है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य को उनके वर्तमान दायित्व से हटाकर शिमला बुलाया गया है। कार्मिक विभाग की अधिसूचना के अनुसार उन्हें आगामी पदभार के लिए कार्मिक विभाग (पूल) में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। सिद्धार्थ आचार्य विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा उनके पास सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय के प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार भी था। सरकार के नए आदेश के बाद अब उन्हें इन दोनों जिम्मेदारियों से हटाकर कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है। उनके स्थान पर नई व्यवस्था के तहत दूसरे अधिकारी को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जिला उद्योग केंद्र सोलन के महाप्रबंधक सुरेंद्र कुमार को नौणी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें मानव भारती विश्वविद्यालय, सोलन के प्रशासक की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इस तरह अब सुरेंद्र कुमार अपने मौजूदा दायित्वों के साथ दोनों संस्थानों का अतिरिक्त प्रशासनिक कामकाज भी देखेंगे। गौरतलब है कि डॉ. वाईएस परमार उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में पिछले दिनों कुलपति और विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के बीच विवाद सामने आया था। इस घटनाक्रम को लेकर संस्थान में प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हुई थीं। हालांकि, फिलहाल विवाद शांत बताया जा रहा है। इसी बीच सरकार की ओर से रजिस्ट्रार सिद्धार्थ आचार्य को पद से हटाकर कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने के आदेश जारी किए गए हैं।

विश्वविद्यालय में हुए पिछले घटनाक्रम और अब रजिस्ट्रार के तबादले को लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा हो रही है। हालांकि, सरकार की अधिसूचना में इस बदलाव के पीछे किसी विवाद को आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इसलिए इसे नियमित प्रशासनिक फेरबदल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी इन आदेशों के बाद सरकाघाट और नौणी विश्वविद्यालय में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया ढांचा तैयार होगा। अब कृष्ण कुमार शर्मा सरकाघाट के एसडीएम के रूप में कामकाज संभालेंगे, जबकि सुरेंद्र कुमार नौणी विश्वविद्यालय और मानव भारती विश्वविद्यालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाएंगे। वहीं, सिद्धार्थ आचार्य और राजेंद्र कुमार गौतम को आगामी तैनाती के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करना होगा।

 

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