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नवरात्रि का चौथा दिन: मां कूष्मांडा की पूजा विधि, मंत्र, कथा और महत्व

नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ब्रह्मांड की रचयिता के रूप में पूजा जाता है। मां कूष्मांडा की आराधना करने से सुख, […]

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  • October 14, 2026 6:29 am IST, Published 2 hours ago

नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी। इसी कारण उन्हें सृष्टि की आदिशक्ति और ब्रह्मांड की रचयिता के रूप में पूजा जाता है।

मां कूष्मांडा की आराधना करने से सुख, समृद्धि, आरोग्य और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है। भक्त इस दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ मां की पूजा करके परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

मां कूष्मांडा का स्वरूप

मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत दिव्य और तेजस्वी माना जाता है। उनकी आठ भुजाएं हैं, इसलिए उन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल, अमृत कलश, चक्र और गदा जैसे अस्त्र-शस्त्र तथा अन्य वस्तुएं सुशोभित हैं। मां सिंह पर सवार रहती हैं।

मां कूष्मांडा की पूजा विधि

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  • पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा और मां कूष्मांडा की प्रतिमा स्थापित करें।

  • मां को लाल या पीले फूल, अक्षत, रोली, चंदन और धूप-दीप अर्पित करें।

  • मां को मालपुआ, फल और अन्य सात्त्विक भोग अर्पित करें।

  • मां कूष्मांडा के मंत्र का जाप करें और दुर्गा चालीसा का पाठ करें।

  • अंत में मां की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

मां कूष्मांडा का मंत्र

ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥

इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मन को शांति और सकारात्मकता मिलने की धार्मिक मान्यता है।

मां कूष्मांडा की पूजा का महत्व

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा शक्ति, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना के लिए की जाती है। मान्यता है कि मां अपने भक्तों के जीवन से निराशा और नकारात्मकता दूर करके उन्हें साहस और ऊर्जा प्रदान करती हैं।

मां कूष्मांडा की आराधना हमें यह संदेश देती है कि जीवन में कठिन परिस्थितियां आने पर भी आशा, विश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखनी चाहिए।

जय माता दी! जय मां कूष्मांडा! 🙏

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