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नवरात्रि का सातवां दिन: मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, भोग और महत्व

नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को शक्ति, साहस और भय से मुक्ति प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना करने से नकारात्मकता दूर होती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती […]

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  • October 17, 2026 5:45 am IST, Published 7 minutes ago

नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मां कालरात्रि को शक्ति, साहस और भय से मुक्ति प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना करने से नकारात्मकता दूर होती है और भक्तों को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है।

मां कालरात्रि का स्वरूप भले ही उग्र दिखाई देता है, लेकिन वे अपने भक्तों के प्रति अत्यंत कल्याणकारी और दयालु मानी जाती हैं। इसी कारण उन्हें शुभ फल प्रदान करने वाली देवी के रूप में भी पूजा जाता है।

मां कालरात्रि का स्वरूप और महत्व

मां कालरात्रि का रंग अंधकार के समान काला बताया गया है। उनके केश खुले रहते हैं और वे गर्दभ यानी गधे पर सवार रहती हैं। उनकी चार भुजाएं हैं। वे अपने हाथों में अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं तथा एक हाथ से भक्तों को अभय और दूसरे से वरदान देती हैं।

धार्मिक मान्यताओं में मां कालरात्रि को बुरी शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना गया है। उनकी पूजा विशेष रूप से साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति की कामना से की जाती है।

मां कालरात्रि की पूजा विधि

धार्मिक परंपराओं के अनुसार

  1. सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को साफ करें।

  2. मां कालरात्रि की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं।

  3. देवी को रोली, अक्षत और लाल फूल अर्पित करें।

  4. मां को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

  5. मां कालरात्रि के मंत्र का जाप करें और दुर्गा चालीसा या दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

  6. अंत में माता की आरती करके परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।

मां कालरात्रि का मंत्र

ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥

मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें।

मां कालरात्रि का प्रिय भोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि को गुड़ और गुड़ से बनी मिठाइयों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार गुड़ का हलवा या अन्य सात्विक मिठाई अर्पित कर सकते हैं।

नवरात्रि के सातवें दिन का रंग

17 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि के सातवें दिन के लिए धूसर (ग्रे) रंग प्रचलित रंग परंपराओं में शामिल है। हालांकि, अलग-अलग परंपराओं में रंगों का निर्धारण भिन्न हो सकता है।

मां कालरात्रि की पूजा का मुख्य संदेश है कि मनुष्य को कठिन परिस्थितियों में भी साहस, धैर्य और विश्वास बनाए रखना चाहिए। मां कालरात्रि सभी भक्तों को सुख, शांति और शक्ति प्रदान करें।

जय माता दी! 🙏

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