नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां 70 वर्षीय सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर को क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 5 लाख 77 हजार 33 रुपये का चूना लगाए जाने का आरोप है। पीड़ित की पहचान फेसबुक के जरिए राज नाम के एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने उन्हें निवेश पर दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया और अलग-अलग बैंक खातों में 22 बार रकम ट्रांसफर कराई।
पैसे निकालने की कोशिश करने पर पीड़ित से टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी गई। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का शक हुआ और उन्होंने पुलिस से शिकायत की। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, नोएडा के सेक्टर-55 में रहने वाले 70 वर्षीय पीड़ित बैंक में वरिष्ठ प्रबंधक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई 2026 को फेसबुक पर राज नाम के व्यक्ति ने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी।
पीड़ित ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजा गया। लिंक खोलने पर वॉल्ट-रेक्स डॉट कॉम नाम की वेबसाइट खुली, जहां प्रारंभिक तौर पर आईपीओ, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश से जुड़ी जानकारी दिखाई गई।
आरोप है कि इसके बाद उन्हें एक वॉट्सऐप समूह में जोड़ा गया। वहां निवेश पर दोगुना मुनाफा मिलने के दावे किए गए। इन दावों पर भरोसा करके पीड़ित ने निवेश करना शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार, पीड़ित ने दिल्ली के पटपड़गंज स्थित एक बैंक शाखा में अपने दो खातों से कुल 22 बार में 1,05,77,033 रुपये ट्रांसफर किए।
वेबसाइट पर उनकी निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी। इससे उन्हें लगा कि उनका पैसा मुनाफे के साथ बढ़ रहा है। हालांकि, जब उन्होंने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तो उन्हें एक नई परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीड़ित के मुताबिक, 28 सितंबर 2026 को उन्होंने वेबसाइट से अपनी रकम निकालने का प्रयास किया। इस दौरान उनसे टैक्स जमा करने के नाम पर अतिरिक्त पैसे मांगे गए।
इस मांग के बाद उन्हें पूरे मामले पर संदेह हुआ। उन्होंने परिवार और दोस्तों से चर्चा की और फिर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह अक्सर वेबसाइट या निवेश खाते में बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाकर लोगों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। बाद में रकम निकालने के लिए टैक्स, शुल्क या अन्य भुगतान की मांग की जाती है। ऐसे मामलों में अतिरिक्त भुगतान करने से पहले निवेश मंच और संबंधित संस्थाओं की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है।
शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस वेबसाइट, बैंक खातों और वॉट्सऐप समूह से संबंधित जानकारी जुटा रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किन खातों में भेजी गई और इस मामले में कौन-कौन शामिल है।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। आरोपियों की पहचान, रकम की बरामदगी और ठगी के पूरे नेटवर्क के बारे में अंतिम जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
साइबर ठगी से बचने के लिए सोशल मीडिया पर मिलने वाले अनजान निवेश लिंक पर भरोसा न करें। दोगुना या असामान्य रूप से अधिक मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं की अच्छी तरह जांच करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक खातों से बड़ी रकम ट्रांसफर न करें।
यदि निवेश की रकम निकालने के लिए अचानक अतिरिक्त टैक्स या शुल्क मांगा जाए, तो भुगतान करने से पहले संबंधित वित्तीय संस्था और नियामकीय जानकारी की पुष्टि करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत अपने बैंक और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 से संपर्क करें तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।