नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है, वहीं लखनऊ में बाढ़ के कारण हालात अब भी चिंताजनक बने हुए हैं। फैजुल्लागंज इलाके में तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। राजस्थान में भी बारिश के कारण तापमान में छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है।
लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गोमती नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन इसके बावजूद कई घरों में पानी भरा हुआ है। बाढ़ के कारण स्थानीय लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 21वें दिन भी घरों से पानी पूरी तरह नहीं निकला है। लंबे समय से जलभराव बने रहने के कारण लोगों के सामने रहने, साफ-सफाई और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने जैसी चुनौतियां हैं।
गोमती नदी का जलस्तर कम होना राहत का संकेत जरूर है, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए स्थिति सामान्य होने में अभी समय लग सकता है। लगातार बारिश से हालात और बिगड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ गई है। प्रदेश में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। उपलब्ध मौसम आंकड़ों के अनुसार, राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.2 डिग्री सेल्सियस कम और अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
मौसम में आए इस बदलाव का असर जनजीवन पर भी पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा के दौरान मौसम की स्थिति का ध्यान रखने की जरूरत है।
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से प्रदेश में ठंड बढ़ गई है। तापमान में आई गिरावट से सुबह और शाम के समय सर्दी का एहसास अधिक होने लगा है।
शनिवार सुबह प्रदेश में तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दो दिन पहले तक यह 17.7 डिग्री सेल्सियस था। इस तरह तापमान में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली है।
पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को मौसम संबंधी जानकारी लेकर ही निकलना चाहिए।
राजस्थान में बारिश के बाद सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई है। मौसम में बदलाव के कारण अधिकतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अलवर में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि माउंट आबू में पारा 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन मौसम में अचानक बदलाव का असर दैनिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में बाढ़ और जलभराव की समस्या बनी हुई है, जबकि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है। राजस्थान में भी बारिश के कारण तापमान नीचे आया है।
मौसम के इन अलग-अलग रूपों के बीच बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वहीं, पहाड़ी इलाकों में जाने वाले यात्रियों को स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर यात्रा करनी चाहिए। आने वाले दिनों में मौसम का रुख इन राज्यों के जनजीवन पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।