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गोरा होने की क्रीम से किडनी-लिवर को खतरा? जानें सच

त्वचा को गोरा बनाने वाले उत्पादों का इस्तेमाल करने से पहले बरतें सावधानी, गलत क्रीम और लंबे समय तक उपयोग से त्वचा को हो सकता है नुकसान

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Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • October 27, 2026 11:30 pm IST, Published 51 seconds ago

नई दिल्ली। गोरा और चमकदार दिखने की चाह में बाजार में उपलब्ध फेयरनेस क्रीम का इस्तेमाल करना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। सोशल मीडिया पर दिखने वाले विज्ञापन, आकर्षक दावे और कम समय में रंग निखारने के वादे लोगों को ऐसे उत्पादों की ओर आकर्षित करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस क्रीम को आप खूबसूरती बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, उसके गलत या असुरक्षित इस्तेमाल से आपकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है?

त्वचा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य संबंधी चर्चाओं में कुछ स्किन-लाइटनिंग उत्पादों में मौजूद हानिकारक तत्वों को लेकर चिंता जताई जाती रही है। खासकर पारा (मरकरी), बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल की जाने वाली स्टेरॉयड क्रीम और कुछ प्रतिबंधित या गलत तरीके से तैयार किए गए उत्पाद त्वचा के साथ-साथ शरीर के दूसरे अंगों के लिए भी जोखिम पैदा कर सकते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर फेयरनेस क्रीम नुकसानदायक नहीं होती और किडनी या लिवर को नुकसान होने का खतरा उत्पाद की संरचना, इस्तेमाल की अवधि, मात्रा तथा व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।

मरकरी वाली क्रीम क्यों बन सकती है खतरा?

कुछ त्वचा को हल्का करने वाले उत्पादों में मरकरी यानी पारा मिलाया जा सकता है। यह एक ऐसी धातु है जिसका कुछ यौगिक त्वचा में मेलेनिन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। मेलेनिन त्वचा को उसका प्राकृतिक रंग देने वाला पिगमेंट है। इसके स्तर में बदलाव से त्वचा का रंग हल्का दिखाई दे सकता है, लेकिन इस तरह का परिणाम हासिल करने के लिए पारे जैसे हानिकारक तत्वों का इस्तेमाल गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

विशेष चिंता उन क्रीमों को लेकर होती है जिनकी सामग्री स्पष्ट रूप से नहीं लिखी होती, जिन पर भरोसेमंद निर्माता का विवरण नहीं होता या जिन्हें बिना उचित नियामकीय जानकारी के ऑनलाइन बेचा जाता है। ऐसे उत्पादों में मौजूद तत्वों की वास्तविक मात्रा का पता लगाना उपभोक्ता के लिए मुश्किल हो सकता है।

मरकरी के संपर्क में लंबे समय तक रहने से शरीर में इसकी मात्रा बढ़ सकती है। कुछ परिस्थितियों में इसका असर गुर्दों पर पड़ता है और किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, पारे के कुछ रूप तंत्रिका तंत्र सहित शरीर के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए केवल रंग निखारने के लिए संदिग्ध क्रीम का लगातार इस्तेमाल करना समझदारी नहीं है।

क्या क्रीम से किडनी और लिवर 70 प्रतिशत तक खराब हो सकते हैं?

सोशल मीडिया पर कई बार दावा किया जाता है कि गोरा करने वाली क्रीम लगाने से किडनी और लिवर 70 प्रतिशत तक खराब हो सकते हैं। इस तरह के दावे को बिना किसी विश्वसनीय वैज्ञानिक अध्ययन, मरीजों के आंकड़ों और चिकित्सकीय संदर्भ के सार्वभौमिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

यह सही है कि मरकरी से दूषित या मरकरी युक्त कुछ त्वचा उत्पादों के इस्तेमाल को किडनी संबंधी समस्याओं से जोड़ा गया है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर फेयरनेस क्रीम लगाने वाले व्यक्ति की किडनी या लिवर को निश्चित रूप से गंभीर नुकसान होगा। नुकसान का स्तर इस्तेमाल किए गए उत्पाद, उसमें मौजूद रसायन, शरीर में प्रवेश की मात्रा और संपर्क की अवधि जैसे कारकों पर निर्भर करता है।

किडनी और लिवर शरीर में अलग-अलग महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं। किडनी रक्त से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने और शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है, जबकि लिवर पोषक तत्वों के प्रसंस्करण और कई हानिकारक पदार्थों के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ जहरीले पदार्थ इन अंगों को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन दोनों अंगों के 70 प्रतिशत खराब होने का दावा किसी विशेष जांच या चिकित्सकीय रिपोर्ट के बिना नहीं किया जाना चाहिए।

इसलिए उपभोक्ताओं को डर फैलाने वाले आंकड़ों के बजाय प्रमाणित स्वास्थ्य जानकारी पर भरोसा करना चाहिए और संदिग्ध उत्पादों से दूरी बनानी चाहिए।

चेहरे पर क्रीम लगाने से त्वचा को क्या नुकसान हो सकता है?

गोरा करने के नाम पर बेची जाने वाली कुछ क्रीमों में शक्तिशाली स्टेरॉयड, पारा या अन्य अनुचित तत्व हो सकते हैं। लंबे समय तक गलत क्रीम लगाने से त्वचा पतली होना, लालिमा, जलन, मुंहासे, त्वचा पर महीन रक्त वाहिकाएं दिखाई देना और रंग में असमान बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

स्टेरॉयड युक्त क्रीम का चेहरे पर बिना चिकित्सकीय सलाह के इस्तेमाल विशेष रूप से नुकसानदायक हो सकता है। शुरुआत में त्वचा साफ या चमकदार दिखाई देने के कारण लोग इसका इस्तेमाल जारी रखते हैं, लेकिन बाद में त्वचा संवेदनशील हो सकती है और क्रीम बंद करने पर परेशानी बढ़ सकती है।

हर उत्पाद में ये समस्याएं नहीं होतीं। इसलिए क्रीम के नाम या उसके रंग के आधार पर उसकी सुरक्षा तय नहीं की जा सकती। उत्पाद के सक्रिय तत्व, निर्माता, गुणवत्ता और इस्तेमाल का सही तरीका समझना आवश्यक है।

ऑनलाइन क्रीम खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

ऑनलाइन बाजार में त्वचा को गोरा करने और कुछ ही दिनों में रंग बदलने का दावा करने वाले अनेक उत्पाद दिखाई देते हैं। ऐसे दावों से प्रभावित होकर क्रीम खरीदने से पहले उपभोक्ताओं को सावधानी बरतनी चाहिए।

सबसे पहले उत्पाद के लेबल पर दिए गए सभी घटकों की जानकारी पढ़ें। यदि सामग्री की सूची उपलब्ध नहीं है, पैकेजिंग पर निर्माता का विवरण स्पष्ट नहीं है या उत्पाद असाधारण रूप से तेजी से रंग बदलने का दावा करता है, तो उसे खरीदने से बचना बेहतर है।

केवल सोशल मीडिया की लोकप्रियता, प्रभावशाली लोगों के प्रचार या ऑनलाइन समीक्षाओं के आधार पर किसी क्रीम को सुरक्षित न मानें। विश्वसनीय विक्रेता से उत्पाद खरीदें और जरूरत पड़ने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी दूसरी व्यक्ति की क्रीम अपने चेहरे पर इस्तेमाल करना भी उचित नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति की त्वचा की प्रकृति और समस्याएं अलग होती हैं।

यदि किसी क्रीम में मरकरी होने का संदेह है, तो उसका इस्तेमाल बंद करें और चिकित्सकीय सलाह लें। ऐसे उत्पाद को बच्चों की पहुंच से दूर रखें और उसे किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें।

सुरक्षित तरीके से त्वचा की देखभाल कैसे करें?

त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए महंगे या तेजी से रंग बदलने वाले उत्पादों की जरूरत नहीं होती। नियमित रूप से त्वचा की सफाई करना, अपनी त्वचा के अनुरूप मॉइस्चराइजर लगाना और धूप से बचाव के लिए उपयुक्त सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना उपयोगी हो सकता है।

यदि चेहरे पर दाग-धब्बे, झाइयां, मुंहासों के निशान या असमान रंगत की समस्या है, तो उसका कारण समझना अधिक महत्वपूर्ण है। त्वचा विशेषज्ञ जरूरत के अनुसार उपचार सुझा सकते हैं। बिना सलाह के स्टेरॉयड, पारा युक्त उत्पाद या अज्ञात मिश्रणों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

त्वचा का प्राकृतिक रंग व्यक्ति की पहचान का सामान्य हिस्सा है। खूबसूरती के किसी एक मानक को पाने के लिए अपनी सेहत को जोखिम में डालना उचित नहीं है। किसी भी उत्पाद का चुनाव त्वचा को स्वस्थ रखने और उसकी वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

यदि किसी संदिग्ध क्रीम के इस्तेमाल के बाद लगातार जलन, सूजन, त्वचा पर असामान्य बदलाव या अन्य परेशानी महसूस हो, तो उसका उपयोग रोककर चिकित्सकीय सलाह लें। यदि क्रीम में मरकरी होने की आशंका है या लंबे समय से उसका इस्तेमाल किया जा रहा है, तो डॉक्टर को उत्पाद की जानकारी देना उपयोगी रहेगा।

किडनी से जुड़ी समस्याओं के शुरुआती चरण में हमेशा स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए संभावित जहरीले पदार्थ के संपर्क की आशंका होने पर केवल लक्षणों का इंतजार न करें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। पेशाब में असामान्य बदलाव, शरीर में सूजन या अस्वस्थता होने पर भी चिकित्सकीय मूल्यांकन कराना चाहिए।

निष्कर्ष: गोरा करने वाली हर क्रीम को खतरनाक कहना सही नहीं है, लेकिन अज्ञात सामग्री वाले उत्पादों और मरकरी युक्त क्रीमों से बचना बेहद जरूरी है। त्वचा की खूबसूरती से ज्यादा महत्वपूर्ण आपका स्वास्थ्य है। किसी भी क्रीम को खरीदने या लंबे समय तक इस्तेमाल करने से पहले उसकी सामग्री जांचें और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लें।

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