नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दौलत राम कॉलेज में शताब्दी शैक्षणिक भवन, नए कंप्यूटर सेंटर और स्किल डेवलपमेंट सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कॉलेज के कार्यक्रम ‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ की भी शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने पुराने कॉलेज में लौटना उनके लिए भावनात्मक और गर्व का अवसर है। उन्होंने छात्राओं को पढ़ाई पर ध्यान देने, बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि दौलत राम कॉलेज से उनका पुराना जुड़ाव है और यहां पहुंचकर छात्र जीवन की अनेक यादें ताजा हो गईं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की पूर्व छात्रा होने के नाते वह यहां पढ़ने वाली छात्राओं की उम्मीदों, जरूरतों और सपनों को बेहतर ढंग से समझ सकती हैं। उनके अनुसार, कॉलेज में नई सुविधाओं की शुरुआत करना उनके लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इससे छात्राओं को पढ़ाई और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिल सकते हैं।
रेखा गुप्ता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से खूब पढ़ने, बड़े सपने देखने और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने की दिशा में प्रयास करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छात्राओं की सुरक्षा, सुविधाओं और उनके विकास के अवसरों को बेहतर बनाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्राओं को आगे बढ़ने के लिए जरूरी अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
कॉलेज में शुरू किए गए शताब्दी शैक्षणिक भवन को शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए भवन से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। वहीं, कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से छात्राओं को डिजिटल शिक्षा और तकनीकी ज्ञान हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। वर्तमान समय में कंप्यूटर और डिजिटल कौशल शिक्षा, रोजगार तथा विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

स्किल डेवलपमेंट सेंटर की शुरुआत को भी छात्राओं के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। ऐसे केंद्रों का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने का अवसर देना होता है। इससे उन्हें रोजगार की संभावनाओं को समझने, नई क्षमताएं विकसित करने और पेशेवर जीवन की तैयारी करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इन केंद्रों के तहत शुरू होने वाले पाठ्यक्रमों और उपलब्ध प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी अलग से सामने आ सकती है।
इस अवसर पर ‘मिस डीआरसी टैलेंट हंट’ कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया गया। इस तरह के आयोजन छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भाग लेने का मंच प्रदान करते हैं। शिक्षा के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा मिल सकता है। कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह, विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय सह मंत्री विजय शंकर तिवारी, कॉलेज प्रबंधन समिति के चेयरमैन मुकुल गुप्ता और कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर सविता रॉय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी में कॉलेज की शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और छात्राओं के विकास से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।

मुख्यमंत्री के दौलत राम कॉलेज दौरे के दौरान शिक्षा, तकनीकी दक्षता और छात्राओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का संदेश प्रमुखता से सामने आया। नई सुविधाओं से कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को कितना लाभ मिलता है, यह उनके प्रभावी संचालन और उपलब्ध अवसरों पर निर्भर करेगा। फिलहाल, इन केंद्रों की शुरुआत को संस्थान में शैक्षणिक और कौशल विकास सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।