नयी दिल्ली: चीनी स्मार्टफोन कंपनियां Vivo और OPPO हाल ही में अपने डिवाइस महंगे कर चुकी हैं, लेकिन अब नजरें Apple पर टिकी हैं। फिलहाल कंपनी ने iPhone की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, मगर आने वाले महीनों में स्थिति बदल सकती है। इसकी झलक कंपनी की हालिया अर्निंग्स कॉल में देखने को मिली। Tim Cook ने Q2 2026 की अर्निंग्स कॉल के दौरान संकेत दिए कि बढ़ती लागतें कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल रही हैं। खासतौर पर कंप्यूटर मेमोरी की कीमतों में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो Apple के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। अब तक कंपनी इन बढ़ी हुई लागतों को खुद वहन कर रही थी, लेकिन आगे यह रणनीति बदल सकती है।
मार्च तिमाही में मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हुई थी, जिसका असर Apple ने अपने स्तर पर संभाल लिया। कंपनी को पहले से मौजूद इन्वेंट्री का फायदा भी मिला, जिससे लागत का कुछ हिस्सा संतुलित हो गया। हालांकि, यह राहत अस्थायी मानी जा रही है। टिम कुक के मुताबिक, जून तिमाही में मेमोरी की लागत और अधिक बढ़ने की संभावना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इन्वेंट्री से मिलने वाला फायदा कुछ हद तक दबाव कम करेगा, लेकिन यह लंबे समय तक मददगार नहीं रहेगा। खास बात यह रही कि जून के बाद की स्थिति को लेकर कंपनी ने स्पष्ट अनुमान देने से परहेज किया, लेकिन यह जरूर माना कि लागत का असर आगे और गहराने वाला है।
इन संकेतों के बाद बाजार में कयास तेज हो गए हैं कि Apple भी अन्य कंपनियों की तरह बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती है। यानी आने वाले समय में iPhone की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल, उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि iPhone अभी पुरानी कीमतों पर ही उपलब्ध हैं। लेकिन यदि लागत में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है, तो आने वाले महीनों में iPhone खरीदना महंगा सौदा साबित हो सकता है।