टीवी अभिनेत्री Rubina Dilaik अपने बेबाक अंदाज और खुलकर राय रखने के लिए जानी जाती हैं। वह अक्सर सामाजिक मुद्दों और महिलाओं से जुड़े विषयों पर अपनी बात मजबूती से रखती नजर आती हैं। अब हाल ही में उन्होंने मां बनने के बाद अभिनेत्रियों को काम मिलने में आने वाली परेशानियों पर खुलकर चर्चा की है।
रुबीना दिलैक का मानना है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आज भी महिलाओं को लेकर पुरानी सोच कायम है। उन्होंने कहा कि मां बनने के बाद कई अभिनेत्रियों को काम मिलने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि मेकर्स उन्हें पहले जितना सक्षम नहीं मानते।
आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में Rubina Dilaik ने कहा कि इंडस्ट्री में यह धारणा बनी हुई है कि बच्चे को जन्म देने के बाद महिलाओं में पहले जैसा स्टैमिना, जुनून और मेहनत करने की क्षमता नहीं रहती। यही वजह है कि कई बार नई मां बनी अभिनेत्रियों को बड़े प्रोजेक्ट्स से दूर रखा जाता है।

रुबीना ने कहा, “स्टडीज बताती हैं कि लगभग 62 प्रतिशत महिलाएं प्रेग्नेंसी के बाद काम पर वापस नहीं लौट पातीं, क्योंकि समाज उन्हें आसानी से स्वीकार नहीं करता। इंडस्ट्री भी उन्हें कमजोर समझती है।”
उन्होंने आगे कहा कि मेकर्स को लगता है कि मां बनने के बाद अभिनेत्री अब उतनी मेहनत नहीं कर पाएगी या उसमें आगे बढ़ने की वही भूख नहीं रहेगी। ऐसे में वे उन्हें अपने प्रोजेक्ट्स में शामिल करने से बचते हैं।
Rubina Dilaik ने यह भी कहा कि महिलाओं को हर कदम पर जज किया जाता है। समाज उनसे लगातार उम्मीदें रखता है और उन पर कई तरह का दबाव डालता है।
उनके मुताबिक, कई महिलाएं इस मानसिक दबाव के कारण अपना आत्मविश्वास खो देती हैं। उन्होंने कहा कि हर महिला इतनी मजबूत नहीं होती कि लगातार जजमेंट और सामाजिक सोच के बावजूद खुद को साबित करती रहे।
रुबीना का यह बयान सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स और कामकाजी महिलाओं ने उनकी बातों का समर्थन किया है और कहा है कि मां बनने के बाद महिलाओं को करियर में दोबारा खुद को साबित करने के लिए ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है।
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कई अभिनेत्रियों ने मां बनने के बाद शानदार वापसी की है और यह साबित किया है कि मातृत्व उनके करियर की कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बन सकता है। फिर भी इंडस्ट्री में पूरी तरह बदलाव आने में अभी समय लग सकता है।
Rubina Dilaik का यह बयान एक बार फिर महिलाओं के करियर, मातृत्व और समाज की सोच को लेकर नई बहस छेड़ रहा है।