आईपीएल मैचों के कॉम्प्लीमेंट्री पास और टिकटों की कथित कालाबाजारी के मामले में Delhi & District Cricket Association यानी डीडीसीए की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस मामले में Delhi Police Crime Branch ने जांच तेज कर दी है।
गुरुवार को डीडीसीए के CEO आरआर सिंह और उनके निजी सहायक राकेश से शकरपुर स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में करीब पांच घंटे तक पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी ने दोनों अधिकारियों से कॉम्प्लीमेंट्री पासों के आवंटन और वितरण से जुड़े कई सवाल पूछे।
सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान अधिकारियों से टिकट और पास वितरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज भी मांगे गए हैं। हालांकि दोनों अधिकारियों ने पुलिस से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए दो दिन का समय मांगा है।
इससे पहले क्राइम ब्रांच ने डीडीसीए सचिव Ashok Sharma को भी नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर कॉम्प्लीमेंट्री पासों का पूरा हिसाब मांगा था। उन्होंने भी जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की है।
जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि पूछताछ के दौरान कई ऐसे सवाल पूछे गए, जिनका जवाब देते समय अधिकारी असहज नजर आए। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
क्राइम ब्रांच का मानना है कि आईपीएल मैचों के दौरान कॉम्प्लीमेंट्री पासों का गलत इस्तेमाल और अवैध बिक्री बड़े स्तर पर की गई हो सकती है। इसी वजह से मामले की जांच को और विस्तृत किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी जरूरत पड़ने पर डीडीसीए के CEO और उनके PA को दोबारा पूछताछ के लिए बुला सकती है। इसके अलावा डीडीसीए के अन्य पदाधिकारियों को भी नोटिस जारी किए जाने की तैयारी चल रही है।
इस मामले में क्राइम ब्रांच पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। 8 मई को पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर 11 मई को Arun Jaitley Stadium के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के सुपरवाइजर पंकज यादव को भी गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद से जांच की आंच डीडीसीए के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कॉम्प्लीमेंट्री पासों की कथित कालाबाजारी में कौन-कौन लोग शामिल थे और इससे किसे फायदा पहुंचा।