लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के 206 अधिकारियों का स्थानांतरण किया है। इनमें सभी अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एसपी) पद पर कार्यरत हैं। इस कदम को प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लंबे समय से फील्ड में तैनात कई अधिकारियों को पीएसी और अन्य प्रतिष्ठानों में भेजा गया है, जबकि पीएसी एवं अन्य इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों को जनपदों और पुलिस कमिश्नरेट में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा हाल ही में इंस्पेक्टर से डिप्टी एसपी पद पर पदोन्नत हुए अधिकारियों को भी पहली तैनाती दी गई है।
स्थानांतरण सूची में कई जिलों और पुलिस कमिश्नरेट के क्षेत्राधिकारी (सीओ) तथा सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) शामिल हैं, जिन्होंने अपने वर्तमान कार्यस्थल पर निर्धारित अवधि पूरी कर ली थी। राजधानी लखनऊ में भी कई एसीपी के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।
तबादलों के तहत विभिन्न जिलों और कमिश्नरेटों में नए डिप्टी एसपी की नियुक्ति की गई है। इनमें बलरामपुर, सहारनपुर, कानपुर, प्रयागराज और उन्नाव सहित कई महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा आएगी और जनसुरक्षा से जुड़े कार्यों को और बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, यह स्थानांतरण प्रक्रिया प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने, अधिकारियों को विविध अनुभव प्रदान करने और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से की गई है। राज्य सरकार समय-समय पर ऐसी समीक्षा कर पुलिस तंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाती रही है। प्रदेश में हाल के वर्षों में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की प्राथमिकता को देखते हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।