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पुरी में IPL बेटिंग रैकेट का भंडाफोड़: ‘Sky Exchange’ ऐप के जरिए करोड़ों का अवैध कारोबार, 4 गिरफ्तार

पुरी, ओडिशा : ओडिशा के पुरी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) बेटिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस अवैध कारोबार में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, […]

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  • April 30, 2026 11:00 am IST, Published 1 hour ago

पुरी, ओडिशा : ओडिशा के पुरी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) बेटिंग रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस अवैध कारोबार में शामिल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जबकि कई बैंक खातों में जमा लाखों रुपये फ्रीज किए गए हैं। पूरा नेटवर्क कथित रूप से “Sky Exchange” नामक ऑनलाइन ऐप के जरिए संचालित किया जा रहा था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रसन्ना प्रस्ती, वी. नागेश्वर राव, विश्वनाथ लेंका और रमाकांत साहू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 25.35 लाख रुपये नकद और छह मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े 10 बैंक खातों में मौजूद 31.81 लाख रुपये भी फ्रीज किए हैं।

प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी IPL मैचों पर संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहे थे। “Sky Exchange” ऐप के जरिए लोग पैसे जमा करते थे और बदले में उन्हें डिजिटल पॉइंट्स दिए जाते थे। इन्हीं पॉइंट्स के जरिए IPL मैचों और अन्य गतिविधियों पर सट्टा लगाया जाता था।

जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ कि इस नेटवर्क को बढ़ाने के लिए स्थानीय आयोजकों को जोड़ा गया था। पुलिस के मुताबिक इन लोगों को हर महीने लगभग 22 हजार रुपये दिए जाते थे ताकि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस रैकेट से जोड़ सकें। बदले में उन्हें लाखों रुपये के बेटिंग पॉइंट्स उपलब्ध कराए जाते थे।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पूरा रैकेट व्हाट्सएप के जरिए गुप्त रूप से संचालित किया जा रहा था। नेटवर्क के सदस्य एक व्यक्ति को “BOSS” कहकर संबोधित करते थे, जो कथित रूप से पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित कर रहा था। हालांकि अभी तक इस मास्टरमाइंड की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

पुरी पुलिस को शक है कि यह सिर्फ स्थानीय स्तर का रैकेट नहीं बल्कि एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स युवाओं को जल्दी पैसे कमाने का लालच देकर फंसा रहे हैं। कई लोग इस तरह की अवैध गतिविधियों में शामिल होकर भारी आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म और अवैध गेमिंग ऐप्स से दूर रहें। IPL जैसे बड़े खेल आयोजनों के दौरान ऐसे गिरोह सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं।

पुरी पुलिस ने साफ कहा है कि अवैध सट्टेबाजी और साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। “BOSS” नाम से नेटवर्क चलाने वाले मास्टरमाइंड को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम भी बनाई गई है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

पुरी एसपी प्रतीक सिंह ने कहा कि पुरी पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि जिले में IPL बेटिंग रैकेट संचालित हो रहा है। सूचना मिलते ही स्पेशल स्क्वॉड और स्थानीय बासेली साही थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पता चला कि कुछ लोग मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए यह नेटवर्क चला रहे थे और लोगों से पैसे इकट्ठा कर रहे थे। आरोपियों ने बड़ी संख्या में लोगों को इस ऐप से जोड़ा हुआ था। लोग नियमित रूप से पैसे जमा करते थे और उन्हीं पैसों से IPL मैचों पर सट्टा लगाया जाता था।

सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर कई स्थानों पर छापेमारी की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से बेटिंग ऐप और ट्रांजैक्शन डिटेल्स वाले मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में करीब 10 बैंक खातों की पहचान हुई, जिनमें मौजूद 31 लाख रुपये से अधिक की रकम फ्रीज कर दी गई। इसके अलावा करीब 25 लाख रुपये नकद और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए।

सतीश कुमार दास  

उड़ीसा 

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