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कांवड़ समितियों को हर संभव सहयोग देगी सरकार, जरूरत पड़ी तो बढ़ाएंगे अनुदान: सीएम रेखा गुप्ता

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित कांवड़ समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की […]

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  • June 4, 2026 7:06 pm IST, Published 2 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर आयोजित कांवड़ समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। तैयारियों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ समितियों के पंजीकरण की प्रक्रिया समय से शुरू की जाए। इसके लिए 1 जुलाई से पंजीकरण शुरू करने की दिशा में सभी तैयारियां पूरी कर ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी समितियों को आवश्यक दस्तावेजों और वार्षिक ऑडिट संबंधी औपचारिकताओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जाए ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।

सभी विभागों की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री और कांवड़ समिति के अध्यक्ष कपिल मिश्रा, समिति के सदस्य विधायक अजय महावर, अनिल वाजपेयी, करतार सिंह तंवर, संजय गोयल और उमंग बजाज सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में राजस्व विभाग, दिल्ली पुलिस, लोक निर्माण विभाग, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली जल बोर्ड, डूसिब और अन्य संबंधित विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारियां पेश कीं।

सिंगल विंडो व्यवस्था की सराहना

राजस्व विभाग ने बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि पिछले वर्ष दिल्ली में 308 कांवड़ शिविरों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया था। पिछले वर्ष पहली बार कांवड़ समितियों को अनुदान राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने और सिंगल विंडो व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया था। समिति के सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों ने बताया कि इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी, अधिकांश समस्याओं का समाधान हुआ और कांवड़ समितियों ने इस पहल की सराहना की।

अनुदान बढ़ाने के सुझाव पर विचार

समीक्षा बैठक में कांवड़ समितियों के प्रतिनिधियों ने बताया कि बड़े शिविरों के लिए मौजूदा अनुदान राशि पर्याप्त नहीं है, क्योंकि टेंट और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर अधिक खर्च आता है। कुछ समितियों ने अनुदान बढ़ाने या पहले की तरह सरकार द्वारा सीधे टेंट उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी सुझावों पर सकारात्मक रूप से विचार करेगी और जरूरत पड़ने पर अनुदान राशि में बढ़ोतरी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य कांवड़ समितियों को हर संभव सहयोग देना है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर जोर

बैठक में पिछले वर्ष सामने आई चुनौतियों और सुझावों की भी समीक्षा की गई। समिति के सदस्यों ने मोबाइल शौचालयों की संख्या और गुणवत्ता बढ़ाने, उनकी नियमित सफाई सुनिश्चित करने, 24×7 चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्याप्त पीने के पानी की व्यवस्था, गैस सिलेंडरों की निर्बाध उपलब्धता, समयबद्ध होर्डिंग और प्रचार सामग्री लगाने तथा वर्षा के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां पिछले वर्ष जलभराव की समस्या सामने आई थी, वहां ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुधार कार्य समय रहते पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ शिविरों में लगाए जाने वाले मोबाइल शौचालय उच्च गुणवत्ता के हों और उनकी सफाई एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की स्पष्ट रूप से तय की जाए। साथ ही, दिल्ली सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की उचित ब्रैंडिंग भी सुनिश्चित की जाए।

24×7 स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा पर बल

मुख्यमंत्री ने कांवड़ शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसके लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि दिन और रात दोनों समय इलाज की सुविधा मिल सके। बैठक में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा, बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर तैनाती और दुर्घटना रोकथाम से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। उन्होंने प्रमुख प्रवेश स्थलों पर स्वागत द्वार, पुष्पवर्षा और श्रद्धालुओं के स्वागत की अन्य व्यवस्थाओं की भी पहले से योजना बनाने के निर्देश दिए।

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