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अहमदाबाद: दूषित पानी पीने से 500 से अधिक लोग बीमार

अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद शहर के घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सोला (गोटा वार्ड) इलाके से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। यहाँ स्थित आकांक्षा अपार्टमेंट सहित आसपास की सोसायटियों में नर्मदा के पीने के पानी की लाइन में सीवेज (गटर) का गंदा पानी मिल जाने के कारण भीषण डायरिया और उल्टी […]

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  • June 4, 2026 5:23 pm IST, Published 1 hour ago

अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद शहर के घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र के तहत आने वाले सोला (गोटा वार्ड) इलाके से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। यहाँ स्थित आकांक्षा अपार्टमेंट सहित आसपास की सोसायटियों में नर्मदा के पीने के पानी की लाइन में सीवेज (गटर) का गंदा पानी मिल जाने के कारण भीषण डायरिया और उल्टी का प्रकोप फैल गया है। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, इस दूषित पानी के सेवन से अब तक 500 से अधिक लोग बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री से की बात

मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (जो इस क्षेत्र के सांसद भी हैं) ने तुरंत संज्ञान लिया है। उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) के मेयर से फोन पर बात कर प्रभावित इलाके के हालातों की जानकारी ली और स्थिति को जल्द से जल्द नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य बिंदु और मौजूदा स्थिति

  • बीमारी का कारण: स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पेयजल आपूर्ति लाइन में सीवेज का गंदा पानी मिक्स हो गया था। पिछले 3-4 दिनों से सोसायटियों में दूषित और बदबूदार पानी आ रहा था, जिसके कारण एक के बाद एक परिवारों के सदस्य बीमार पड़ने लगे।

  • प्रशासनिक लापरवाही पर गुस्सा: निवासियों का कहना है कि गंदे पानी की शिकायत प्रशासन से कई बार की गई थी, लेकिन समय रहते कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। यदि समय पर एक्शन लिया जाता तो इतने बड़े पैमाने पर लोग बीमार होने से बच जाते।

  • आंकड़ों में मतभेद: स्थानीय लोगों और सोसाइटी के पदाधिकारियों का दावा है कि अकेले आकांक्षा अपार्टमेंट और आसपास की सोसायटियों को मिलाकर बीमारों की संख्या सैकड़ों में है। वहीं दूसरी ओर, AMC स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम अधिकारियों ने फिलहाल ओपीडी (OPD) स्तर पर परामर्श लेने वाले मरीजों की संख्या कम बताते हुए स्थिति पर पैनी नजर रखने की बात कही है।

युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य

अमित शाह और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित सोसायटियों में राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं:

स्वास्थ्य विभाग का बड़ा एक्शन:

हेल्थ डिपार्टमेंट की 40 विशेष स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित इलाकों में घर-घर सर्वे करने और बीमारी की रोकथाम के लिए तैनात किया गया है। इसके साथ ही इलाके में ओपीडी उपचार देने के लिए मेडिकल वैन भी काम कर रही हैं।

  • साफ पानी की वैकल्पिक व्यवस्था: म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (A.M.C.) द्वारा प्रभावित सोसायटियों के अंडरग्राउंड और ओवरहेड वाटर टैंकों की सफाई और सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया गया है।

  • टैंकरों से सप्लाई: जब तक पाइपलाइन पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती, तब तक स्थानीय लोगों को पीने के लिए पानी के टैंकरों के जरिए साफ पानी मुहैया कराया जा रहा है। प्रभावित घरों में क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस (ORS) पैकेट भी बांटे जा रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि मुख्य पाइपलाइन में आए लीकेज या ब्रेकडाउन को ढूंढकर ठीक किया जा रहा है ताकि आगे से शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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