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गुजरात स्कूली शिक्षा रिपोर्ट: 12वीं तक सिर्फ 54.5% बच्चे पूरी करते हैं पढ़ाई,

माध्यमिक स्तर पर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है ड्रॉप-आउट रेट गांधीनगर: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2025-26 की यूडाइस प्लस (UDISE+) रिपोर्ट में गुजरात की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 53,425 स्कूलों में 1.15 करोड़ छात्र नामांकित हैं, लेकिन कक्षा 12वीं तक केवल […]

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Gauravshali Bharat News
  • July 13, 2026 7:54 am IST, Published 1 hour ago

माध्यमिक स्तर पर राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है ड्रॉप-आउट रेट

गांधीनगर: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी वर्ष 2025-26 की यूडाइस प्लस (UDISE+) रिपोर्ट में गुजरात की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 53,425 स्कूलों में 1.15 करोड़ छात्र नामांकित हैं, लेकिन कक्षा 12वीं तक केवल 54.5% बच्चे ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी कर पाते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि लगभग 45.5% छात्र बीच में ही स्कूल छोड़ देते हैं।

स्कूल में टिके रहने (रिटेंशन) के आंकड़े

शिक्षकों की कमी और स्कूलों की स्थिति

  • छात्र-शिक्षक अनुपात: गुजरात में प्रति स्कूल औसतन 7 शिक्षक हैं जो राष्ट्रीय औसत के बराबर है, लेकिन छात्र-शिक्षक अनुपात 29:1 है (यानी हर 29 छात्रों पर 1 शिक्षक), जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह अनुपात 24:1 का है।

  • शून्य छात्र वाले स्कूल: राज्य में 58 ऐसे स्कूल हैं जहां एक भी छात्र नामांकित नहीं है, लेकिन वहां 74 शिक्षक तैनात हैं।

  • एक शिक्षक के भरोसे स्कूल: गुजरात के 2,335 स्कूल केवल एक ही शिक्षक के सहारे चल रहे हैं, जिनमें कुल 80,053 छात्र अपनी पढ़ाई कर रहे हैं।

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