बेंगलुरु में ‘कचरे से आज़ादी’ अभियान शुरू

 अवैध मलबा फेंकने वालों पर ₹1 लाख तक जुर्माना बेंगलुरु। शहर की सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से निर्माण कार्य का मलबा फेंकने की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने पूरे अगस्त महीने के लिए ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ (कचरे से आज़ादी) अभियान शुरू किया है। इस […]

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  • August 1, 2026 5:26 pm IST, Published 49 minutes ago

 अवैध मलबा फेंकने वालों पर ₹1 लाख तक जुर्माना

बेंगलुरु। शहर की सड़कों, खाली प्लॉटों और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से निर्माण कार्य का मलबा फेंकने की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने पूरे अगस्त महीने के लिए ‘फ्रीडम फ्रॉम वेस्ट’ (कचरे से आज़ादी) अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा बनाना और गंदगी से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर रोक लगाना है।

1616 स्थानों की पहचान, 22,730 मीट्रिक टन मलबा हटेगा

अधिकारियों ने पूरे शहर में 1,616 ऐसे स्थानों की पहचान की है, जहां अवैध रूप से निर्माण का मलबा और कचरा फेंका गया है। अभियान के दौरान करीब 22,730 मीट्रिक टन मलबा हटाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए 70 टिपर वाहनों की तैनाती की गई है, जो मलबे को यारप्पनहल्ली, मरेनहल्ली, वेंकटपुरा, विट्टासंद्रा और कल्लूबलू जैसे निर्धारित डंपिंग स्थलों तक पहुंचा रहे हैं।

गंदगी से बढ़ रहा था स्वास्थ्य खतरा

शहरवासियों का कहना है कि निर्माण मलबे के ढेरों के कारण शहर की सुंदरता प्रभावित हो रही थी। इन स्थानों पर खरपतवार उगने से मच्छर, चूहे और सांपों का बसेरा बन जाता है। इसके बाद लोग घरेलू कचरा भी वहीं फेंकने लगते हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

सीएम डीके शिवकुमार की सख्त चेतावनी

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना सरकार की जिम्मेदारी है, जबकि निजी संपत्तियों की सफाई की जिम्मेदारी नागरिकों की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने प्लॉट खरीदने के बाद वर्षों तक निर्माण नहीं किया और उसे गंदगी का अड्डा बना दिया है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ऐसी संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

15 अगस्त तक प्लॉट साफ करने का निर्देश

सरकार ने खाली प्लॉट मालिकों को 15 अगस्त तक अपनी जमीन साफ कराने के निर्देश दिए हैं। यदि तय समय तक सफाई नहीं की गई, तो नगर निगम स्वयं कचरा हटाएगा और उसका पूरा खर्च संबंधित जमीन मालिक से वसूला जाएगा।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

सरकार ने अवैध रूप से मलबा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है।

  • पहली बार नियम तोड़ने पर ₹25,000 का जुर्माना।
  • दोबारा उल्लंघन करने पर ₹50,000 से ₹1 लाख तक का जुर्माना।
  • जरूरत पड़ने पर अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

घरेलू कचरे पर भी चलेगा अलग अभियान

बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्ण बायरे गौड़ा ने बताया कि निर्माण मलबे की समस्या खत्म होने के बाद शहर में घरेलू कचरे के उचित निस्तारण के लिए भी अलग अभियान चलाया जाएगा, ताकि बेंगलुरु को स्वच्छ और स्वस्थ शहर बनाया जा सके।

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