मुंबई / नई दिल्ली: अहिंसा विश्व भारती और विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी को मुंबई में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में “चैम्पियन ऑफ पीस एंड जस्टिस अवॉर्ड” से सम्मानित हुए | मुंबई में संयुक्त राष्ट्रसंघ के सहयोग से वॉकहार्ट फाउंडेशन के सीईओ डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला द्वारा आयोजित “शांति के लिए बिलियनेयर्स कॉन्क्लेव” के दौरान चार नोबेल शांति पुरस्कार प्राप्त विभूतियों श्री हौसीन अब्बासी, श्री कैलाश सत्यर्थी, श्री ग्रिगोरी लियोपोल्डोविच पेलमैन व प्रोफेसर मोहन मुनासिंघे ने आचार्य लोकेशजी को शांति, न्याय और मानवता को बढ़ावा देने कि दिशा में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए “चैम्पियन ऑफ़ पीस एंड जस्टिस अवार्ड से सम्मानित किया।श्री कैलाश सत्यार्थी ने प्रतीक चिह्न भेंट किया।
विश्व शांति दूत आचार्य लोकेशजी ने “चैम्पियन ऑफ पीस एंड जस्टिस अवॉर्ड” के लिए चयनित होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व में शांति, सद्भावना, मानवता और न्याय की स्थापना करना उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व हिंसा, तनाव, असहिष्णुता और संघर्ष जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे समय में भगवान महावीर के अहिंसा, करुणा, अनेकांत और सहअस्तित्व के सिद्धांत सम्पूर्ण मानवता के लिए मार्गदर्शक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के प्रयासों का सम्मान है जो विश्व में शांति, न्याय और मानवता को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। यह सम्मान भारतीय संस्कृति एवं जैनधर्म के मानवतावादी सिद्धांतों का है उन्होंने कहा विश्व शांति सद्भावना की दिशा में आध्यात्मिक संतों को एक अद्भुत पहल करनी होगी ।
नोबल पुरस्कार से सम्मानित श्री कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी को सम्मानित करना गौरव का विषय है।डॉ. हुज़ैफ़ा खोराकीवाला ने कहा कि आई एम पीसकीपर आंदोलन विभिन्न धर्म, विचारधारा और दृष्टिकोण के लोगों का मंच है। यह मंच आचार्य लोकेशजी को सम्मानित कर स्वयं सम्मानित हो रहा है ।