नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को घोषणा की कि लगभग 13 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद दिल्ली में बड़े पैमानो पर नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया 15 मई से दोबारा शुरू कर दी गई है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने पात्र एवं जरूरतमंद परिवारों से आवेदन करने की अपील करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के ‘अंत्योदय’ संकल्प को आधार बनाकर यह सुनिश्चित कर रही है कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 15 मई 2026 से ई डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (edistrict.delhigovt.nic.in) के माध्यम से नए राशन कार्ड और परिवार के सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किए जा चुके है। इसके अतिरिक्त पहले से जमा किए गए पुराने आवेदन पत्रों को आवेदकों के लॉगिन प्रोफाइल पर वापस भेजा गया है। आवेदक वर्तमान ‘फैमिली इनकम सर्टिफिकेट’ और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ इन्हें दोबारा अपडेट कर जमा कर सकते हैं।
लाखों लंबित आवेदनों का होगा त्वरित निपटारा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद राशन वितरण व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराया, जिसमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आईं। जांच में कुल 7,71,384 अपात्र और फर्जी लाभार्थी पाए गए। इनमें 6,46,123 लोग निर्धारित आय सीमा से अधिक आय वाले थे इसलिए राशन पाने के पात्र नहीं थे। इसके अलावा 95,682 ऐसे लाभार्थी मिले जिन्होंने पिछले एक वर्ष से राशन लिया ही नहीं था। वहीं, 6,185 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम राशन रिकॉर्ड में दर्ज थे और 23,394 लाभार्थी ऐसे पाए गए जो एक से अधिक स्थानों से राशन का लाभ ले रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटाने के बाद बड़ी संख्या में स्थान खाली हुए हैं। इससे करीब 7.72 लाख नए पात्र लोगों को राशन कार्ड जारी करने का रास्ता साफ हुआ है। फिलहाल नए राशन कार्ड के लिए 3,72,367 आवेदन और राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए 99,501 आवेदन लंबित हैं। चूंकि समय के साथ लोगों के निवास, आय और पात्रता की स्थिति बदल सकती है, इसलिए सभी आवेदकों को मौजूदा नियमों और नई पात्रता शर्तों के अनुसार फिर से आवेदन करने का अवसर दिया जा रहा है।
राशन वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित व्यापक सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026 लागू कर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) 2013 के प्रावधानों को प्रभावी रूप से लागू किया है। इसके तहत राशन वितरण व्यवस्था में बड़े स्तर पर डिजिटल सुधार किए गए हैं। राशन दुकानों पर पारंपरिक वजन मशीनों की जगह ई-वेइंग मशीनें लगाई जा रही हैं और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है। अब बिना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के राशन वितरण नहीं होगा, जिससे कम राशन मिलने और गड़बड़ियों की शिकायतों पर रोक लगेगी।
उन्होंने बताया कि नए राशन कार्ड के लिए आवेदन, नाम जोड़ने या हटाने समेत राशन कार्ड से जुड़ी सभी सेवाएं अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं। नागरिक घर बैठे या अपने नजदीकी सुविधा केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इन सुधारों से राशन वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, तकनीक-संचालित और लाभार्थी-केंद्रित बनेगी तथा पात्र लोगों तक राशन का लाभ सही तरीके से पहुंच सकेगा।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले परिवार की आय संबंधी जानकारी केवल स्व-घोषणा (सेल्फ डिक्लेरेशन) के आधार पर स्वीकार की जाती थी। इसके कारण कई बार अपात्र लोगों को भी राशन का लाभ मिल जाता था, जबकि वास्तविक जरूरतमंद लोग इससे वंचित रह जाते थे। अब नई व्यवस्था के तहत राशन कार्ड के लिए आवेदन करते समय परिवारों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, नवीनतम आय प्रमाण पत्र और परिवार के सभी सदस्यों का आधार विवरण जमा करना होगा। इससे पात्रता की सही जांच हो सकेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंच सकेगा।
पारदर्शी और त्रि-स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री ने बताया कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को रोकने के लिए सरकार ने मजबूत डिजिटल और प्रशासनिक व्यवस्था बनाई है। पहले चरण में खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी आवेदन और दस्तावेजों की डिजिटल जांच करेंगे तथा जरूरत पड़ने पर मौके पर वेरिफिकेशन भी कराया जाएगा। इसके बाद पात्रता की जांच पूरी होने पर आवेदन सहायक आयुक्त के पास भेजा जाएगा। तीसरे और आखिरी चरण में निर्णय जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली जिला समिति करेगी, जिसमें क्षेत्र के दो विधायक भी शामिल होंगे। समिति की मंजूरी मिलते ही राशन कार्ड डिजिटल रूप से जारी हो जाएगा और आवेदक उसे पोर्टल से सीधे डाउनलोड कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई ऑनलाइन प्रणाली से पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित होगी। अब नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि दिल्ली के हर जरूरतमंद परिवार को खाद्य सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार देने का हमारा एक दृढ़ संकल्प है।
दायरा बढ़ाने के लिए आय सीमा में संशोधन होगा
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली खाद्य सुरक्षा नियम 2026 के तहत राशन कार्ड के लिए अनिवार्य वार्षिक पारिवारिक आय सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये कर दी गई है। इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को कल्याणकारी योजनाओं के दायरे में लाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी साझा किया कि सरकार इस आय सीमा को बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये तक करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस संबंध में मंत्रिमंडल स्तर पर सकारात्मक चर्चा हो चुकी है और शीघ्र ही अंतिम निर्णय लेकर और अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
इस असवर पर दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने पिछले सवा साल में जनकल्याण को केंद्र में रखकर कई ऐतिहासिक एवं जनहितकारी फैसले लिए हैं। दिल्ली में पिछले 13 वर्षों से गरीबों के अधिकारों पर ताला लगा हुआ था। पिछली सरकारों ने राशन व्यवस्था को राजनीति और भ्रष्टाचार का माध्यम बना दिया था। नए राशन कार्ड जारी करने की प्रक्रिया लगभग ठप कर दी गई थी, जिसके कारण लाखों गरीब परिवार अपने अधिकारों से वंचित रह गए। हमारी सरकार ने इस अन्यायपूर्ण व्यवस्था को समाप्त करने का संकल्प लेकर पारदर्शी एवं जनहितकारी व्यवस्था लागू करने का कार्य किया है ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को उसका अधिकार सम्मानपूर्वक मिल सके।