नीट  पेपर लीक: पुणे  से फिजिक्स की शिक्षिका गिरफ्तार

अब तक 11 आरोपी पकड़े गए जयपुर/मुंबई/बेंगलुरु/पटना राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में 11वीं गिरफ्तारी की है। पकड़ी गई आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है, जो पुणे के […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • May 22, 2026 9:12 pm IST, Published 3 minutes ago

अब तक 11 आरोपी पकड़े गए

जयपुर/मुंबई/बेंगलुरु/पटना

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक और बड़ी सफलता मिली है। सीबीआई ने शुक्रवार को इस मामले में 11वीं गिरफ्तारी की है। पकड़ी गई आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है, जो पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में शिक्षिका हैं।

परीक्षा विशेषज्ञ ही निकली मुख्य सूत्रधार

सीबीआई के अनुसार, गिरफ्तार की गई मनीषा हवलदार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने परीक्षा प्रक्रिया में एक विशेषज्ञ के तौर पर शामिल किया था। विशेषज्ञ होने के नाते उनकी पहुंच भौतिक विज्ञान (फिजिक्स) के प्रश्न पत्र तक थी। जांच में सामने आया है कि अप्रैल 2026 में उन्होंने भौतिक विज्ञान के कुछ महत्वपूर्ण सवाल एक अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे, जिसे सीबीआई ने 16 मई को ही गिरफ्तार कर लिया था। जांच अधिकारियों ने पुष्टि की है कि साझा किए गए सवाल मुख्य परीक्षा के प्रश्न पत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।

देशभर में फूटा युवाओं का गुस्सा

नीट पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विरोध में देशभर के छात्र और युवा सड़कों पर उतरकर तीव्र प्रदर्शन कर रहे हैं। राजस्थान के जयपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने इस प्रशासनिक विफलता के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन किया है। युवाओं का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।

5 राज्यों में बिका पेपर, महाराष्ट्र बना मुख्य केंद्र

सीबीआई की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:

  • मुख्य केंद्र: इस पूरे घोटाले का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र रहा है। यहीं से प्रश्न पत्र को दूसरे राज्यों में भेजा गया।

  • बिक्री: नीट का यह प्रश्न पत्र मुख्य रूप से 5 राज्यों में बेचा गया था, जिसमें सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई और दूसरे स्थान पर राजस्थान रहा।

  • बिक्री का तरीका: जांच एजेंसी को महाराष्ट्र और राजस्थान में प्रश्न पत्र के प्रिंट (प्रतिलिपियां) निकालकर बेचने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

सीबीआई और ईडी की पैनी नजर

वर्तमान में सीबीआई उन छात्रों और अभिभावकों की सूची तैयार कर रही है, जिन्होंने लाखों रुपये देकर यह प्रश्न पत्र खरीदा था। इसके साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी इस मामले में धन के अवैध लेनदेन (मनी ट्रेल) की जांच शुरू कर दी है। इस घोटाले में शामिल मुख्य आरोपियों की संपत्तियों और बैंक खातों को खंगाला जा रहा है।

अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इसमें कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं और गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।

Advertisement