हैदराबाद: राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समन्वय और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के तहत मेघालय के छात्र प्रतिनिधिमंडल ने तेलंगाना का दौरा किया। इस दौरान छात्रों ने तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से लोक भवन में मुलाकात कर विभिन्न विषयों पर संवाद किया।
यह प्रतिनिधिमंडल IIM Shillong के नेतृत्व में तेलंगाना पहुंचा था। कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं, शैक्षणिक व्यवस्थाओं और विकास मॉडल से परिचित कराना है। राज्यपाल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है और युवाओं की भूमिका राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रतिनिधिमंडल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस यात्रा ने उन्हें भारत की सांस्कृतिक विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान किया। छात्रों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया और तेलंगाना में मिले अनुभवों को प्रेरणादायक बताया।
यात्रा के दौरान छात्रों ने तेलंगाना के कई प्रमुख ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण किया। इनमें हुसैन सागर, स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी, रामप्पा मंदिर, वारंगल किला, भद्रकाली मंदिर और पिलर मंदिर जैसे प्रमुख स्थल शामिल रहे।
छात्रों ने NIT Warangal में अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाओं का अवलोकन किया और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण अभियान में भी भाग लिया। समापन समारोह में छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यक्रम के दौरान सीखी गई बातों पर चर्चा की।
युवा संगम पहल शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, भावनात्मक एकीकरण और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है।