हैदराबाद:तेलंगाना की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बीच तीखे बयानबाज़ी का दौर शुरू हो गया है। एक ओर जहां बीजेपी राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी के दावों को खारिज करते हुए भाजपा नेतृत्व पर तंज कस दिया। इसके बाद बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस पर अहंकार का आरोप लगाया।
हाल ही में तेलंगाना दौरे पर पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दावा किया था कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाते हुए राज्यभर में जनआंदोलन चलाने का ऐलान किया और कार्यकर्ताओं से जनता के मुद्दों को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की।
बीजेपी के इस दावे पर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। किसानों की एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा का एक नेता यहां आया था, लेकिन उन्हें उसका नाम तक ठीक से याद नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में भी इसी तरह के दावे किए थे, लेकिन वहां सत्ता हासिल करने में वर्षों लग गए। उनका कहना था कि तेलंगाना में कांग्रेस संगठन पूरी तरह मजबूत है और भाजपा को राजनीतिक रूप से कोई मौका नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य की जनता कांग्रेस सरकार के साथ है और विपक्ष के दावों का जवाब चुनाव में दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पहले से अधिक मजबूती के साथ सत्ता में लौटेगी।
रेवंत रेड्डी के बयान के बाद बीजेपी की ओर से भी जवाब आया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी उनके अहंकार को दर्शाती है। उन्होंने लिखा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन शब्दों का चयन भी राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा होता है।
विधानसभा चुनाव से पहले तेलंगाना में कांग्रेस और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो सकता है। भाजपा राज्य में अपने संगठन को मजबूत करने और कांग्रेस सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि कांग्रेस अपने विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं के आधार पर जनता का विश्वास बनाए रखने का प्रयास कर रही है।