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नितिन गडकरी का बड़ा ऐलान, 100% एथेनॉल फ्यूल पर दौड़ेंगे वाहन

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव के बीच भारत ने वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने अब 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है, जिससे देश में स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल […]

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  • June 14, 2026 1:48 pm IST, Published 3 hours ago

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव के बीच भारत ने वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने अब 100 प्रतिशत एथेनॉल (E100) ईंधन के उपयोग को मंजूरी दे दी है, जिससे देश में स्वदेशी और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि सरकार ने फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक वाले वाहनों में E100 यानी शुद्ध एथेनॉल के उपयोग की अनुमति प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आवश्यक फाइल को मंजूरी मिल चुकी है और अब देश में 100 प्रतिशत एथेनॉल आधारित परिवहन व्यवस्था की दिशा में रास्ता साफ हो गया है।

भारत पहले ही पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) के लक्ष्य को निर्धारित समय से पहले हासिल कर चुका है। सरकार के अनुसार, इस पहल से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है और विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत हुई है। इसी सफलता को देखते हुए अब सरकार एथेनॉल आधारित परिवहन प्रणाली को और व्यापक बनाने की दिशा में काम कर रही है।

गडकरी ने कहा कि जब एथेनॉल परियोजना की शुरुआत हुई थी, तब कई लोगों ने इसकी व्यवहारिकता पर सवाल उठाए थे। हालांकि, अब यह पहल वास्तविकता का रूप ले रही है और देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

ऑटोमोबाइल क्षेत्र की कई प्रमुख कंपनियां भी फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के विकास पर काम कर रही हैं। हाल ही में मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय वैगनआर का फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल पेश किया था। इसके अलावा हीरो मोटोकॉर्प भी स्प्लेंडर और एचएफ डिलक्स जैसी फ्लेक्स-फ्यूल मोटरसाइकिलों को प्रदर्शित कर चुकी है।

एथेनॉल के बढ़ते उपयोग से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे, पेट्रोलियम आयात पर खर्च घटेगा और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। सरकार की यह पहल भारत को स्वच्छ और आत्मनिर्भर ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

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