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ईरान ने ट्रंप के आरोपों को किया खारिज, भारतीय जहाजों पर हमले के दावे को बताया ‘बेबुनियाद’

नई दिल्ली/तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर कथित हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाए जाने के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया […]

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  • June 14, 2026 4:00 pm IST, Published 1 hour ago

नई दिल्ली/तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर कथित हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाए जाने के बाद ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन दावों को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है। इस घटनाक्रम ने न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि भारत की समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

ईरान के भारत स्थित दूतावास ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। ईरान ने दावा किया कि इस तरह के बयान वास्तविक घटनाओं से ध्यान भटकाने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने की कोशिश हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा का समर्थक है और भारतीय जहाजों पर किसी भी प्रकार के हमले में उसकी कोई भूमिका नहीं है।

दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बयान में कहा कि ईरान समर्थित तत्वों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला करने की कोशिश की थी। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सुरक्षा तंत्र ने इस प्रयास को विफल कर दिया और संभावित बड़े नुकसान को टाल दिया। उन्होंने इसे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा बताया।

हालांकि, ईरान ने तुरंत पलटवार करते हुए कहा कि अमेरिका बिना सबूत के आरोप लगा रहा है। ईरानी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई कुछ घटनाओं के लिए अमेरिका स्वयं जिम्मेदार है और अब वह अपनी भूमिका से ध्यान हटाने के लिए ईरान को निशाना बना रहा है। ईरान ने कहा कि भारतीय जहाजों पर हमले के आरोप राजनीतिक उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं।
इस बीच भारत ने मामले को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ विदेशी मंचों पर प्रसारित कई दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में यदि क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इसका असर न केवल तेल की कीमतों पर पड़ेगा, बल्कि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला भी प्रभावित हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के कारण इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप नई बात नहीं हैं। लेकिन भारतीय जहाजों का नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो गया है। भारत दोनों देशों के साथ अपने संबंधों को संतुलित रखते हुए स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।

फिलहाल अमेरिकी आरोपों और ईरान के खंडन के बीच सच्चाई क्या है, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है। हालांकि, इतना जरूर है कि होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अमेरिका, ईरान और भारत की ओर से होने वाली आधिकारिक प्रतिक्रियाएं पूरे घटनाक्रम की दिशा तय कर सकती हैं। समुद्री सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से यह मामला आने वाले समय में भी चर्चा का केंद्र बना रह सकता है।

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