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नोएडा बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स हब, PCB निर्माण से घटेगी चीन पर निर्भरता

नोएडा: भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार देश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में लगभग 6,780 करोड़ […]

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  • June 28, 2026 3:00 pm IST, Published 3 hours ago

नोएडा: भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार देश को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। इसी क्रम में गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में लगभग 6,780 करोड़ रुपये के निवेश से प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (PCB) बनाने वाली दो बड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इस परियोजना को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

वर्तमान समय में भारत अपनी PCB आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा चीन से आयात करता है। विभिन्न उद्योगों के अनुमान के अनुसार देश की 95 प्रतिशत से अधिक PCB मांग अब तक आयात के जरिए पूरी होती रही है। नई परियोजनाओं के शुरू होने के बाद इस आयात पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे घरेलू उद्योग को मजबूती मिलेगी और भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।

PCB निर्माण से मिलेगा इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को बड़ा सहारा

प्रिंटेड सर्किट बोर्ड किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, टीवी, ऑटोमोबाइल, मेडिकल उपकरण, रक्षा तकनीक और औद्योगिक मशीनों सहित लगभग हर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद में PCB का उपयोग किया जाता है। अभी तक इनकी बड़ी मात्रा विदेशों से आयात करनी पड़ती है, जिससे लागत बढ़ती है और आपूर्ति श्रृंखला पर बाहरी देशों का प्रभाव बना रहता है।

नोएडा में बनने वाली नई इकाइयों के संचालन से देश में उच्च गुणवत्ता वाले PCB का उत्पादन बढ़ेगा। इससे घरेलू कंपनियों को समय पर कच्चा माल और कंपोनेंट उपलब्ध होंगे तथा उत्पादन लागत में भी कमी आने की संभावना है।

चीन पर निर्भरता घटाने की दिशा में बड़ा कदम

हाल के वर्षों में भारत सरकार लगातार इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है। प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं के कारण मोबाइल फोन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और अन्य हाई-टेक उत्पादों के निर्माण में निवेश बढ़ा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि PCB का घरेलू उत्पादन बड़े स्तर पर शुरू होता है तो भारत को चीन सहित अन्य देशों से होने वाले आयात पर काफी हद तक राहत मिलेगी। इससे राष्ट्रीय सुरक्षा, औद्योगिक आत्मनिर्भरता और निर्यात क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।

नोएडा बन रहा है हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र

पिछले कुछ वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्रों में शामिल हो चुके हैं। यहां पहले से ही मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, LED, स्मार्ट डिवाइस और अन्य तकनीकी उत्पाद बनाने वाली कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां कार्यरत हैं।

अब PCB निर्माण इकाइयों के आने से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण की पूरी वैल्यू चेन एक ही क्षेत्र में विकसित होने की संभावना बढ़ जाएगी। इससे कंपनियों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और निवेशकों को बेहतर औद्योगिक वातावरण मिलेगा।

रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ

6,780 करोड़ रुपये के निवेश वाली इन परियोजनाओं से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इंजीनियर, तकनीशियन, मशीन ऑपरेटर, गुणवत्ता नियंत्रण विशेषज्ञ और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की मांग बढ़ेगी। इसके साथ ही परिवहन, लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग और अन्य सहायक उद्योगों को भी लाभ मिलेगा।

स्थानीय व्यापार, होटल, आवास और सेवा क्षेत्र में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, जिससे गौतमबुद्ध नगर की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगा बल

भारत सरकार का लक्ष्य देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए सेमीकंडक्टर, डिस्प्ले निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स और PCB उत्पादन को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। नोएडा में प्रस्तावित नई परियोजनाएं इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन परियोजनाओं का निर्माण तय समय में पूरा होता है तो आने वाले वर्षों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। इससे विदेशी निवेश आकर्षित होगा, निर्यात बढ़ेगा और देश वैश्विक सप्लाई चेन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगा।

नोएडा में 6,780 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली PCB निर्माण इकाइयां भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती हैं। इससे न केवल चीन पर आयात निर्भरता कम होगी, बल्कि देश में आधुनिक तकनीक, रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। यह परियोजना भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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