राम मंदिर ट्रस्ट का दावा, भक्तों का सोना-चांदी पूरी तरह सुरक्षि

अयोध्या : राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषणों को लेकर हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट ने कहा है कि भगवान श्रीराम की सेवा में श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित सभी बहुमूल्य […]

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  • June 28, 2026 2:00 pm IST, Published 1 hour ago

अयोध्या : राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी और अन्य बहुमूल्य आभूषणों को लेकर हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्थिति स्पष्ट की है। ट्रस्ट ने कहा है कि भगवान श्रीराम की सेवा में श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित सभी बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके संरक्षण के लिए उच्च स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन श्रद्धालुओं ने चांदी की ईंटें, सोने-चांदी के आभूषण, मुकुट, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तुएं भगवान श्रीराम के चरणों में समर्पित की हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ट्रस्ट इन सभी वस्तुओं का विधिवत रिकॉर्ड रखता है और उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर में आने वाले दान और बहुमूल्य वस्तुओं का पूरा लेखा-जोखा पारदर्शी प्रक्रिया के तहत तैयार किया जाता है। प्रत्येक मूल्यवान वस्तु का पंजीकरण किया जाता है और उसे निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है। इस पूरी व्यवस्था की नियमित निगरानी भी की जाती है ताकि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की संभावना न रहे।

स्वामी गोविंददेव गिरि ने यह भी बताया कि श्रीराम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से आने वाले भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार नकद दान, सोना, चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं भगवान को अर्पित करते हैं। ऐसे में ट्रस्ट की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक श्रद्धालु के विश्वास को बनाए रखा जाए और उनकी भेंट का सुरक्षित संरक्षण किया जाए।

हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे दावे और चर्चाएं सामने आई थीं, जिनमें मंदिर में चढ़ाए गए सोने-चांदी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। इन चर्चाओं के बाद ट्रस्ट ने आधिकारिक रूप से बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सभी बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास नहीं किया जाना चाहिए।

ट्रस्ट के अनुसार मंदिर परिसर में आधुनिक सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है। बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरे परिसर की निगरानी की जाती है। दान स्वरूप प्राप्त बहुमूल्य वस्तुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

राम मंदिर के निर्माण के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार दान भी करते हैं। त्योहारों, विशेष अवसरों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय में ट्रस्ट सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है।

धार्मिक मामलों के जानकारों का मानना है कि देश के प्रमुख मंदिरों में दान और बहुमूल्य वस्तुओं के संरक्षण के लिए तय नियमों का पालन किया जाता है। राम मंदिर ट्रस्ट भी इसी व्यवस्था के अनुरूप सभी प्रक्रियाओं को अपनाते हुए पारदर्शिता बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। ट्रस्ट का कहना है कि दान की गई प्रत्येक वस्तु भगवान की संपत्ति है और उसका संरक्षण पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाता है।

ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट या भ्रामक जानकारियों पर भरोसा न करें। किसी भी सूचना की पुष्टि केवल ट्रस्ट के आधिकारिक माध्यमों से ही करें। ट्रस्ट ने दोहराया कि भगवान श्रीराम की सेवा में अर्पित सभी सोने-चांदी, आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं तथा उनकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट के इस बयान के बाद उम्मीद की जा रही है कि मंदिर में दान की सुरक्षा को लेकर फैली आशंकाओं पर विराम लगेगा। ट्रस्ट ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और उनके द्वारा समर्पित प्रत्येक भेंट का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही सुरक्षा और पारदर्शिता के सभी मानकों का पालन करते हुए मंदिर प्रशासन अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है।

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