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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन, अधिकारियों को नोटिस, दो निलंबित

नई दिल्ली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) पर हाल ही में सड़क धंसने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर तथा ईपीसी (EPC) ठेकेदार को कारण बताओ […]

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  • July 3, 2026 7:00 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेसवे) पर हाल ही में सड़क धंसने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर तथा ईपीसी (EPC) ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं अथॉरिटी इंजीनियर की टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई, जिसमें भारी बारिश के दौरान एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंस गई थी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए थे। इसके बाद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और NHAI ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए।

भारी बारिश के कारण धंसा सड़क का हिस्सा

NHAI के अनुसार लगातार हो रही बारिश के दौरान एक स्थान पर पानी जमा हो गया था। पानी की निकासी बाधित होने से सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर हो गई, जिसके चलते सड़क का एक हिस्सा धंस गया। हालांकि एजेंसी का दावा है कि घटना के तुरंत बाद मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया था और अब प्रभावित हिस्से को पूरी तरह दुरुस्त कर सामान्य यातायात बहाल कर दिया गया है।

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई और मरम्मत कार्य के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन के लिए आवश्यक कदम उठाए गए ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो।

स्थानीय ड्रेनेज सिस्टम पर उठे सवाल

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस स्थान से वर्षा जल की निकासी होनी थी, वहां का प्राकृतिक ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह प्रभावी नहीं हो पाया। एजेंसी का कहना है कि स्थानीय स्तर पर विरोध के कारण स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी। आरोप है कि जिस पुलिया से पानी की निकासी होनी थी, उसका उपयोग वाहन निकालने के मार्ग के रूप में किया जा रहा था, जिससे जल निकासी बाधित हुई और पानी सड़क के नीचे जमा हो गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी एक्सप्रेसवे या हाईवे परियोजना में जल निकासी व्यवस्था उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी सड़क की गुणवत्ता। यदि ड्रेनेज सिस्टम सही तरीके से काम नहीं करे तो भारी बारिश के दौरान इस प्रकार की घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है।

अस्थायी नाला बनाकर निकाला जा रहा पानी

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में पानी की निकासी हेतु अस्थायी समानांतर नाला बनाया जा रहा है। इसके साथ ही NHAI की तकनीकी टीम लगातार पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी कोई समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।

अधिकारियों के अनुसार बारिश के मौसम को देखते हुए संवेदनशील स्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी लागू किए जाएंगे।

जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा अथॉरिटी इंजीनियर की टीम लीडर और निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही सिद्ध होती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता पर सरकार का फोकस

केंद्र सरकार लगातार देशभर में आधुनिक एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार कर रही है। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण को लेकर सरकार विशेष सतर्कता बरत रही है। मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निर्माण गुणवत्ता के साथ-साथ समय-समय पर तकनीकी ऑडिट, ड्रेनेज सिस्टम की समीक्षा और मानसून से पहले विशेष निरीक्षण बेहद जरूरी है। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

फिलहाल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है, जबकि NHAI की टीमें पूरे क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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