सत्य निकेतन के पास पांच बहुमंजिला इमारत गिरी

नई दिल्लीः सत्य निकेतन इलाके के पास रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस इमारत में हॉस्टल भी संचालित हो रहा था। हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे, इसे लेकर अभी […]

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  • September 6, 2026 2:56 pm IST, Published 53 seconds ago

नई दिल्लीः सत्य निकेतन इलाके के पास रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इमारत के गिरने के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस इमारत में हॉस्टल भी संचालित हो रहा था। हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे, इसे लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। हालांकि, मलबे के नीचे कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। दमकल कर्मियों ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए मलबा हटाने का काम शुरू किया। बचाव दल का मुख्य फोकस मलबे के भीतर संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है ।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इमारत के अचानक गिरने से आसपास के क्षेत्र में तेज आवाज हुई और बड़ी मात्रा में मलबा सड़क और आसपास के हिस्से में फैल गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और फायर सर्विस की टीमें भीड़ को घटनास्थल से दूर रखने और राहत कार्य में किसी तरह की बाधा न आने देने में जुटी हैं।

बताया जा रहा है कि हादसा दिल्ली के मोती बाग इलाके में हुआ, जिसके बाद आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल है। बचाव अभियान के दौरान मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर फंसा हो तो उसे नुकसान न पहुंचे। राहत दल संभावित सुरागों के आधार पर अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे के नीचे फंसे लोगों का पता लगाना और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना है। दमकल विभाग की टीमें लगातार अभियान में लगी हुई हैं। जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त संसाधनों और बचाव उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हादसे के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। इमारत की संरचनात्मक स्थिति, निर्माण से जुड़े पहलुओं और अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से भी घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

इस हादसे ने राजधानी में जर्जर और असुरक्षित इमारतों की स्थिति को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, फिलहाल प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य को पूरा करने की है। अधिकारियों की ओर से आधिकारिक रूप से हताहतों या घायलों की संख्या की पुष्टि होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

बचाव अभियान जारी है और घटनास्थल पर मौजूद टीमें मलबे के अंदर फंसे संभावित लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं।

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