क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के अनुसार, पुलिस को आरोपी की गतिविधियों से संबंधित एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखी। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध को दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो अवैध पिस्तौल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों और कारतूसों को कब्जे में लेकर उनकी जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में करने वाला था और इन्हें कहां से हासिल किया गया। जांच एजेंसियां हथियारों की सप्लाई से जुड़े संभावित लोगों की जानकारी भी जुटा रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के लिए जांच का अहम हिस्सा बना हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या सहित 14 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इन मामलों की प्रकृति, आरोपी की भूमिका और पूर्व में हुई गिरफ्तारियों से संबंधित जानकारी को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी वर्तमान में किसी नई आपराधिक साजिश को अंजाम देने की तैयारी में था या नहीं।
क्राइम ब्रांच अब आरोपी से उसके संपर्कों और गैंग के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी हासिल करने में जुटी है। पूछताछ के दौरान हथियारों की बरामदगी के अलावा उन लोगों की पहचान करने पर भी जोर दिया जा रहा है, जो आरोपी को किसी तरह की मदद या संसाधन उपलब्ध करा रहे थे।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में कुछ और खुलासे हो सकते हैं। जांच टीम उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े संभावित सुरागों की भी पड़ताल कर सकती है। पुलिस का उद्देश्य गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों तक पहुंचना और राजधानी में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर शिकंजा कसना है।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई को दिल्ली में अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी पुलिस हिरासत में है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।