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सत्येंद्र जैन की बेल पर केजरीवाल का मोदी सरकार पर तीखा हमला

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन को जमानत मिलने के बाद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि सत्येंद्र जैन को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया, उसमें उनकी पुलिस हिरासत क्यों नहीं ली गई और उनसे […]

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  • September 3, 2026 5:46 pm IST, Published 33 minutes ago

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सत्येंद्र जैन को जमानत मिलने के बाद केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि सत्येंद्र जैन को जिस मामले में गिरफ्तार किया गया, उसमें उनकी पुलिस हिरासत क्यों नहीं ली गई और उनसे पूछताछ की जरूरत क्यों नहीं समझी गई।
केजरीवाल के मुताबिक, सामान्य तौर पर किसी व्यक्ति को किसी आपराधिक मामले में गिरफ्तार करने के पीछे पूछताछ और जांच की जरूरत प्रमुख कारणों में होती है। इसके लिए जांच एजेंसी अदालत से पुलिस कस्टडी की मांग कर सकती है। पुलिस हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जाता है। हालांकि, केजरीवाल का दावा है कि सत्येंद्र जैन के मामले में उन्हें पुलिस कस्टडी में भेजे बिना सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

केजरीवाल ने इसी आधार पर मामले की जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसी को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत की जरूरत ही नहीं पड़ी, तो गिरफ्तारी का उद्देश्य क्या था, यह समझना मुश्किल है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामला इतना कमजोर था कि जैन को जल्द ही अदालत से जमानत मिल गई अपने बयान में केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कराने से सरकार को आखिर क्या हासिल हुआ। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का ध्यान देश के विकास और शासन चलाने की बजाय राजनीतिक विरोधियों को जेल भेजने पर अधिक है।

केजरीवाल ने प्रधानमंत्री पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली ऐसी दिखाई देती है, जैसे वह देश चलाने के बजाय पुलिस व्यवस्था संभालने में अधिक रुचि रखते हों। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को देश की शासन व्यवस्था चलाने में रुचि नहीं है और उन्हें सरकार चलाने का अनुभव भी नहीं है। अपने बयान को और तीखा करते हुए केजरीवाल ने कहा कि मोदी को प्रधानमंत्री बनने के बजाय किसी गांव का थानेदार होना चाहिए था। उन्होंने यह टिप्पणी प्रधानमंत्री की कथित कार्यशैली और विपक्षी नेताओं के खिलाफ होने वाली कार्रवाई को लेकर की।

केजरीवाल ने आगे आरोप लगाया कि एक तरफ सत्येंद्र जैन जैसे नेताओं को जेल भेजा जाता है, जबकि दूसरी तरफ सरकार ऐसे लोगों को संरक्षण देती है, जिन्हें विपक्षी नेता गुंडा बताते हैं। हालांकि, इस तरह के आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं और इनके समर्थन या खंडन के लिए संबंधित मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड और अदालत के आदेशों को देखना जरूरी है।

सत्येंद्र जैन आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुके हैं। उनके खिलाफ लगे आरोपों और उनकी गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी लंबे समय से केंद्र की जांच एजेंसियों और भाजपा सरकार पर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगाती रही है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां अपने मामलों में लगाए गए आरोपों और कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती रही हैं।

सत्येंद्र जैन को जमानत मिलने के बाद एक बार फिर इस मामले ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। आम आदमी पार्टी इसे अपने नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाने का अवसर मान रही है, जबकि इस मामले की वास्तविक कानूनी स्थिति का अंतिम आकलन अदालत के आदेशों और रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जा सकता है।

केजरीवाल के ताजा बयान से साफ है कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर पर जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। बयान में उन्होंने गिरफ्तारी की आवश्यकता, पुलिस हिरासत, जांच की दिशा और केंद्र सरकार की मंशा—चारों मुद्दों को एक साथ उठाया। अब इस बयान के बाद भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।

 

 

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