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कृति सेनन के रक्षाबंधन ऐड पर बवाल, GIVA ने क्यों हटाया?

नई दिल्ली। रक्षाबंधन के मौके पर ज्वेलरी ब्रांड GIVA की अभिनेत्री कृति सेनन के साथ बनाई गई एक विज्ञापन कैंपेन सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गई। विज्ञापन में कृति सेनन को रक्षाबंधन के अवसर पर अपने पालतू डॉग के साथ नजर आते हुए दिखाया गया था। विज्ञापन में उनके पहनावे को लेकर सोशल […]

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  • August 27, 2026 9:00 pm IST, Published 40 minutes ago

नई दिल्ली। रक्षाबंधन के मौके पर ज्वेलरी ब्रांड GIVA की अभिनेत्री कृति सेनन के साथ बनाई गई एक विज्ञापन कैंपेन सोशल मीडिया पर विवाद का कारण बन गई। विज्ञापन में कृति सेनन को रक्षाबंधन के अवसर पर अपने पालतू डॉग के साथ नजर आते हुए दिखाया गया था। विज्ञापन में उनके पहनावे को लेकर सोशल मीडिया के एक वर्ग ने आपत्ति जताई और देखते ही देखते मामला ऑनलाइन बहस और आलोचना तक पहुंच गया। बढ़ते विवाद के बीच GIVA ने 26 अगस्त को विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने का फैसला किया।

विज्ञापन में ऐसा क्या था, जिस पर शुरू हुआ विवाद?

GIVA के रक्षाबंधन कैंपेन का उद्देश्य पारंपरिक भाई-बहन के रिश्ते के साथ त्योहार की खुशी को पालतू जानवरों तक जोड़ना था। विज्ञापन में कृति सेनन को एक डॉग के साथ रक्षासूत्र बांधते हुए दिखाया गया। कृति के कपड़ों को लेकर कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए। विज्ञापन में वह ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट वाले इंडो-वेस्टर्न लुक में नजर आई थीं। कुछ लोगों का तर्क था कि रक्षाबंधन जैसे पारंपरिक त्योहार पर विज्ञापन की प्रस्तुति भारतीय सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप नहीं है।

विवाद बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर विज्ञापन के समर्थन और विरोध में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कुछ लोगों ने इसे आधुनिक सोच और व्यक्तिगत पसंद से जोड़कर देखा, जबकि आलोचकों ने त्योहार की पारंपरिक संवेदनशीलता का हवाला दिया। इस पूरे घटनाक्रम ने विज्ञापन में संस्कृति, फैशन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर नई बहस छेड़ दी।

कृति सेनन ने ट्रोलिंग पर दिया था जवाब

विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने इस बहस को केवल कपड़ों तक सीमित करने पर सवाल उठाया। अभिनेत्री का कहना था कि त्योहारों की असली भावना कपड़ों से ज्यादा उनमें निहित भावनाओं और परंपराओं में होती है। उन्होंने रक्षाबंधन को सुरक्षा, प्यार और आपसी जुड़ाव का त्योहार बताते हुए कहा कि उनके लिए यह भावना उनके पालतू डॉग तक भी जुड़ी हुई है।

कृति ने महिलाओं के पहनावे को लेकर होने वाली लगातार टिप्पणियों पर भी सवाल उठाया। उनका तर्क था कि किसी महिला की संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से नहीं आंका जाना चाहिए। इस बयान के बाद विवाद को एक नया एंगल मिला और सोशल मीडिया पर संस्कृति बनाम व्यक्तिगत पसंद को लेकर चर्चा तेज हो गई।

GIVA ने आखिर क्यों वापस लिया विज्ञापन?

लगातार बढ़ती आलोचना के बीच GIVA ने बुधवार, 26 अगस्त को अपना आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि वह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का सर्वोच्च सम्मान करती है। कंपनी के मुताबिक इस बार उसका उद्देश्य परिवार के साथ मनाए जाने वाले त्योहार की खुशी में पालतू जानवरों को भी शामिल करना था।

GIVA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उसके हालिया विज्ञापन से समाज के किसी वर्ग की भावनाएं अनजाने में आहत हुई हैं तो ऐसा करना उसका उद्देश्य नहीं था। कंपनी ने सम्मान के तौर पर संबंधित विज्ञापन को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म से वापस लेने का निर्णय लिया। इसके साथ ही ब्रांड ने त्योहार के अवसर पर लोगों को प्यार और सकारात्मकता की शुभकामनाएं भी दीं।

खास बात यह रही कि कंपनी के आधिकारिक बयान में कृति सेनन के कपड़ों का सीधे तौर पर उल्लेख नहीं किया गया। GIVA ने अपने स्पष्टीकरण में भारतीय संस्कृति और त्योहारों के प्रति सम्मान को प्रमुखता दी और विवाद को समाप्त करने की दिशा में विज्ञापन हटाने का फैसला किया।

कंगना रनौत की टिप्पणी से भी गरमाया मामला

इस विवाद में अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत की प्रतिक्रिया ने भी काफी ध्यान खींचा। उन्होंने विज्ञापन में कृति के पहनावे और रक्षाबंधन के संदर्भ में उसके इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई।

इसके बाद मामला सिर्फ एक विज्ञापन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सवाल भी उठने लगा कि भारतीय त्योहारों से जुड़े विज्ञापनों में आधुनिक फैशन और पारंपरिक प्रतीकों के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाना चाहिए। एक पक्ष ने विज्ञापन को रचनात्मक स्वतंत्रता और बदलते सामाजिक नजरिए का उदाहरण माना, जबकि दूसरे पक्ष ने त्योहारों की सांस्कृतिक गरिमा को प्राथमिकता देने की बात कही।

पालतू जानवरों को त्योहार से जोड़ना था कैंपेन का मकसद

GIVA की ओर से दी गई सफाई में यह बात विशेष रूप से सामने आई कि कंपनी इस बार रक्षाबंधन के उत्सव में पालतू जानवरों को भी शामिल करना चाहती थी। विज्ञापन की कहानी इसी विचार पर आधारित थी कि आज के समय में पालतू जानवर भी कई परिवारों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

यानी कंपनी का मूल विचार रक्षाबंधन के भावनात्मक दायरे को व्यापक बनाना था। हालांकि, विज्ञापन की प्रस्तुति और कृति के पहनावे ने उस मूल संदेश से ज्यादा चर्चा अपने आसपास खींच ली। यही वजह रही कि कैंपेन का उद्देश्य पीछे छूट गया और विवाद इसकी सबसे बड़ी पहचान बन गया।

विज्ञापन से निकली बड़ी बहस

कृति सेनन और GIVA का यह विवाद विज्ञापन जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा सकता है। ब्रांड जब किसी धार्मिक या सांस्कृतिक त्योहार को अपने कैंपेन का हिस्सा बनाते हैं, तो उन्हें रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का भी ध्यान रखना पड़ता है।

दूसरी ओर, सेलिब्रिटी के पहनावे और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर उठने वाले सवाल भी इस बहस का अहम हिस्सा हैं। यही वजह है कि यह मामला केवल एक विज्ञापन हटाए जाने की खबर नहीं रह गया, बल्कि संस्कृति, फैशन, महिला स्वतंत्रता, ब्रांड कम्युनिकेशन और सोशल मीडिया प्रतिक्रिया के बीच संतुलन की चर्चा बन गया है।

फिलहाल GIVA ने विवादित विज्ञापन वापस ले लिया है और अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। कृति सेनन भी पहले ही अपने नजरिए से इस विवाद पर प्रतिक्रिया दे चुकी हैं। ऐसे में अब यह मामला सोशल मीडिया पर होने वाली बहस और लोगों की अलग-अलग राय तक सीमित होता दिखाई दे रहा है।

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