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Unacademy की बिक्री ने मचाई हलचल, जानिए किसके हाथ लगी डील

नई दिल्ली: एडटेक सेक्टर में एक बड़ी कारोबारी डील ने शिक्षा प्रौद्योगिकी की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है। रॉनी स्क्रूवाला के नेतृत्व वाली UpGrad ने Unacademy का अधिग्रहण करीब 200 मिलियन डॉलर यानी 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की रकम में पूरा कर लिया है। इस डील की जानकारी Unacademy के को-फाउंडर और […]

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  • September 1, 2026 7:31 pm IST, Published 32 minutes ago

नई दिल्ली: एडटेक सेक्टर में एक बड़ी कारोबारी डील ने शिक्षा प्रौद्योगिकी की दुनिया में नई चर्चा छेड़ दी है। रॉनी स्क्रूवाला के नेतृत्व वाली UpGrad ने Unacademy का अधिग्रहण करीब 200 मिलियन डॉलर यानी 1,900 करोड़ रुपये से अधिक की रकम में पूरा कर लिया है। इस डील की जानकारी Unacademy के को-फाउंडर और CEO गौरव मुंजाल ने 1 सितंबर को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए साझा की।

मुंजाल के मुताबिक, Unacademy की यात्रा छह साल पहले शुरू हुई थी और कंपनी ने कम समय में एक यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल किया। हालांकि, कंपनी की बिक्री जिस कीमत पर हुई है, वह उसके पुराने वैल्यूएशन की तुलना में काफी कम बताई जा रही है। यही वजह है कि यह अधिग्रहण सिर्फ एक सामान्य कॉरपोरेट डील नहीं, बल्कि भारतीय एडटेक बाजार में बदलते कारोबारी समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।

200 मिलियन डॉलर से ज्यादा में पूरी हुई डील

गौरव मुंजाल ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि Unacademy ने UpGrad के साथ 200 मिलियन डॉलर से अधिक में बिक्री की डील पूरी कर ली है। उन्होंने कहा कि कंपनी की शुरुआत उस समय हुई थी, जब उसका वैल्यूएशन अपने उच्चतम स्तर पर था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में इसे काफी कम कीमत पर बेचा गया।

यह डील ऐसे समय में हुई है, जब ऑनलाइन शिक्षा क्षेत्र में कंपनियां तेज विस्तार के बजाय कारोबार को टिकाऊ बनाने, लागत नियंत्रित करने और मुनाफे पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। महामारी के दौरान ऑनलाइन एजुकेशन कंपनियों की मांग तेजी से बढ़ी थी, लेकिन बाद के वर्षों में बाजार की स्थिति बदल गई। इससे कई एडटेक कंपनियों को अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव करना पड़ा।

कभी अरबों डॉलर की कंपनी थी Unacademy

Unacademy ने भारत में ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनाया था। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से लेकर कई अन्य शैक्षणिक जरूरतों के लिए प्लेटफॉर्म पर शिक्षकों और छात्रों का बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ। कंपनी की तेज ग्रोथ और निवेशकों के भरोसे के कारण इसका वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंचा था।

अब UpGrad के साथ हुई करीब 200 मिलियन डॉलर की डील को उसी पुराने वैल्यूएशन के मुकाबले देखा जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, Unacademy का पिछला वैल्यूएशन करीब 3.44 अरब डॉलर बताया गया था। इस लिहाज से मौजूदा अधिग्रहण कंपनी के सफर में एक बड़े बदलाव को दर्शाता है।

मुंजाल की पोस्ट में भी पुराने और नए मूल्यांकन के बीच बड़े अंतर की ओर संकेत किया गया है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि किसी कंपनी का वैल्यूएशन और अधिग्रहण मूल्य हमेशा एक समान नहीं होता। अधिग्रहण के समय कंपनी की वित्तीय स्थिति, बाजार की संभावनाएं, हिस्सेदारी की संरचना और भविष्य की रणनीति जैसे कई कारक कीमत तय करने में भूमिका निभाते हैं।

कई महीनों तक चलती रही बातचीत

Unacademy और UpGrad के बीच संभावित सौदे को लेकर बातचीत कई महीनों तक चलती रही। इस दौरान दोनों कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर मतभेद की खबरें भी सामने आती रही थीं। अंततः दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद सौदा आगे बढ़ा।

जानकारी के अनुसार, मार्च में UpGrad ने Unacademy को स्टॉक आधारित डील के जरिए खरीदने के लिए टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए थे। इस प्रस्तावित लेनदेन में गौरव मुंजाल के नेतृत्व की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई गई थी।

किसी बड़े कॉरपोरेट अधिग्रहण में नियामकीय मंजूरी भी अहम होती है। इस मामले में Competition Commission of India (CCI) ने जुलाई में प्रस्तावित डील को मंजूरी दे दी। इसके बाद सौदे को पूरा करने के रास्ते में मौजूद महत्वपूर्ण नियामकीय बाधा दूर हो गई।

UpGrad के लिए क्यों अहम है Unacademy का अधिग्रहण?

UpGrad पहले से ही उच्च शिक्षा, प्रोफेशनल स्किलिंग और करियर-केंद्रित लर्निंग के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। Unacademy का अधिग्रहण कंपनी को प्रतियोगी परीक्षाओं और बड़े छात्र समुदाय वाले सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करने का अवसर दे सकता है।

Unacademy के पास ऑनलाइन शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित ब्रांड और व्यापक उपयोगकर्ता आधार रहा है। ऐसे में UpGrad के लिए यह अधिग्रहण केवल एक कंपनी को खरीदने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि एडटेक बाजार में अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा सकता है।

यह डील भारतीय ऑनलाइन एजुकेशन इंडस्ट्री में कंसोलिडेशन की बढ़ती प्रवृत्ति को भी दिखाती है। जहां एक दौर में कई एडटेक कंपनियां तेजी से विस्तार और ऊंचे वैल्यूएशन पर फोकस कर रही थीं, वहीं अब बड़े खिलाड़ी मजबूत बिजनेस मॉडल और रणनीतिक अधिग्रहण की दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।

Physics Wallah से भी हो सकती है बड़ी प्रतिस्पर्धा

Unacademy के अधिग्रहण के बाद UpGrad को भारतीय एडटेक बाजार में अन्य बड़े खिलाड़ियों से प्रतिस्पर्धा करनी होगी। इनमें Physics Wallah (PW) भी एक प्रमुख नाम है। Physics Wallah प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ कई अन्य एजुकेशनल और स्किल-बेस्ड कोर्स उपलब्ध कराता है।

भारत में JEE, NEET, UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बाजार काफी बड़ा है। ऐसे में Unacademy की पहुंच और UpGrad की रणनीतिक क्षमता का संयोजन आने वाले समय में प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना सकता है।

हालांकि, इस डील की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि UpGrad Unacademy के ब्रांड, शिक्षकों, छात्रों और कंटेंट इकोसिस्टम को अपनी मौजूदा रणनीति के साथ किस तरह जोड़ता है।

एडटेक सेक्टर के लिए क्या है इसका मतलब?

Unacademy का अधिग्रहण भारतीय एडटेक उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह बताता है कि बाजार अब केवल तेजी से यूजर बढ़ाने और बड़े वैल्यूएशन तक पहुंचने के दौर से आगे बढ़ चुका है। निवेशक और कंपनियां अब लागत, आय, मुनाफा और लंबे समय की स्थिरता जैसे पहलुओं पर ज्यादा जोर दे रही हैं।

Unacademy का सफर भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के उतार-चढ़ाव को भी सामने लाता है। एक ओर कंपनी ने कुछ वर्षों में यूनिकॉर्न से अरबों डॉलर के वैल्यूएशन तक का सफर तय किया, वहीं दूसरी ओर बदलते बाजार में करीब 200 मिलियन डॉलर से अधिक के अधिग्रहण तक पहुंची।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि UpGrad के साथ नई पारी में Unacademy किस दिशा में आगे बढ़ेगी और क्या यह सौदा भारतीय एडटेक बाजार का अगला बड़ा बदलाव साबित होगा? आने वाले महीनों में कंपनी की रणनीति, ब्रांड की स्थिति और कारोबार के प्रदर्शन से इसका जवाब साफ हो सकता है।

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