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11 साल बाद बदला रामपाल का अंदाज, AC रथ में दिखे बाबा

हिसार/हरियाणा। सतलोक आश्रम से जुड़े विवादों के कारण लंबे समय तक चर्चा में रहे रामपाल एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और तस्वीर की वजह से सुर्खियों में हैं। वायरल पोस्ट में उन्हें एक खास तरह के एसी वाहन/रथनुमा कक्ष में बैठे हुए दिखाया गया है। तस्वीर में वाहन के […]

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  • August 30, 2026 9:00 pm IST, Published 39 minutes ago

हिसार/हरियाणा। सतलोक आश्रम से जुड़े विवादों के कारण लंबे समय तक चर्चा में रहे रामपाल एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो और तस्वीर की वजह से सुर्खियों में हैं। वायरल पोस्ट में उन्हें एक खास तरह के एसी वाहन/रथनुमा कक्ष में बैठे हुए दिखाया गया है। तस्वीर में वाहन के चारों तरफ कांच लगा हुआ है और ऊपर की ओर ‘पूर्ण ब्रह्म’ लिखा नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि यह उनके लिए तैयार किया गया विशेष एसी रथ है।

हालांकि, वायरल पोस्ट में किए गए कई दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए तस्वीर और सोशल मीडिया कैप्शन को उसी संदर्भ में देखना जरूरी है। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक रामपाल अप्रैल 2026 में करीब 11 साल बाद जेल से बाहर आने की स्थिति में पहुंचे थे। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उन्हें देशद्रोह से जुड़े मामले में नियमित जमानत दी थी।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई खास तस्वीर

वायरल तस्वीर में एक व्यक्ति सफेद कपड़ों में कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा है। उनके आसपास कई लोग मौजूद हैं। तस्वीर में दिखाई दे रहा कांच से घिरा ढांचा किसी सामान्य कार के मुकाबले अलग नजर आता है। ऊपर लगे बोर्ड पर लाल अक्षरों में ‘पूर्ण ब्रह्म’ लिखा हुआ दिखाई देता है।

सोशल मीडिया पोस्ट में इसे रामपाल का नया ‘हाइटेक अवतार’ बताते हुए दावा किया गया है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि पहले जहां वे आश्रम में पैदल चलकर अनुयायियों से मिलते थे, वहीं अब उनके लिए विशेष एसी रथ तैयार किया गया है।

पोस्ट में इसे लेकर व्यंग्यात्मक अंदाज भी अपनाया गया है और सवाल उठाया गया है कि धार्मिक आस्था, भक्ति और आधुनिक सुविधाओं के बीच आखिर समाज किस दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हालांकि, केवल वायरल तस्वीर के आधार पर यह निश्चित रूप से कहना संभव नहीं है कि वाहन किस उद्देश्य से बनाया गया है, इसकी लागत कितनी है या इसे आधिकारिक रूप से रामपाल के लिए ही तैयार किया गया है।

11 साल बाद जेल से बाहर आए रामपाल

रामपाल से जुड़ा मामला नया नहीं है। नवंबर 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई और समर्थकों के साथ टकराव के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान आश्रम परिसर में पांच महिलाओं और एक बच्चे की मौत हुई थी तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे।

इसके बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले चले। 2018 में हिसार की अदालत ने सतलोक आश्रम प्रकरण से जुड़े दो हत्या मामलों में रामपाल और अन्य आरोपियों को दोषी करार दिया था।

अप्रैल 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से देशद्रोह मामले में जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक वे करीब 11 साल से जेल में थे।

अब नए अंदाज की तस्वीर पर चर्चा

जेल से बाहर आने के बाद रामपाल से जुड़ी गतिविधियों और तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा देखने को मिल रही है। अगस्त 2026 की एक रिपोर्ट में भी उनके पास ग्रामीणों के पहुंचने और उनसे बातचीत करने का उल्लेख किया गया है।

इसी बीच वायरल हुई एसी रथ वाली तस्वीर ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींच लिया है। तस्वीर को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे धार्मिक प्रचार के बदलते तरीके से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स आधुनिक तकनीक और धार्मिक गतिविधियों के मेल पर टिप्पणी कर रहे हैं।

वायरल पोस्ट का सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाला हिस्सा वह दावा है जिसमें इसे ‘हाइटेक अवतार’ कहा गया है। लेकिन पत्रकारिता के लिहाज से यह स्पष्ट करना जरूरी है कि यह सोशल मीडिया पोस्ट का दावा है, न कि किसी आधिकारिक संस्था की पुष्टि।

दानपेटी भी फिट’ वाले दावे पर क्या सच?

वायरल पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि चलती गाड़ी में ‘दानपेटी’ फिट कर दी गई है और इसे आशीर्वाद तथा दान से जोड़कर पेश किया गया है। हालांकि उपलब्ध तस्वीर में ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण दिखाई नहीं देता, जिससे इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा सके।

ऐसे में सोशल मीडिया पर लिखे कैप्शन और तस्वीर में दिखाई देने वाली वास्तविक चीजों के बीच अंतर करना जरूरी है। तस्वीर में कांच से घिरा एक वाहननुमा ढांचा और उसमें बैठे रामपाल दिखाई दे रहे हैं, लेकिन वाहन के भीतर दानपेटी मौजूद होने या उसके इस्तेमाल से संबंधित दावा तस्वीर से साबित नहीं होता।

धार्मिक आस्था बनाम आधुनिक सुविधाओं पर बहस

रामपाल की तस्वीर वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधाओं को लेकर बहस शुरू हो गई है। एक पक्ष इसे किसी धार्मिक संगठन की सामान्य व्यवस्था मान सकता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे आस्था के साथ जुड़ी भव्यता और सुविधाओं के नजरिए से देख रहा है।

दरअसल, धार्मिक नेताओं और आध्यात्मिक संस्थाओं से जुड़ी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हैं। ऐसे मामलों में तस्वीर के साथ लिखे गए दावों को तथ्य मानने के बजाय उनके स्रोत और आधिकारिक पुष्टि को देखना जरूरी होता है।

रामपाल का मामला पहले से ही लंबे कानूनी इतिहास और विवादों से जुड़ा रहा है। ऐसे में उनकी नई तस्वीरों को लेकर सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चा स्वाभाविक रूप से ज्यादा ध्यान आकर्षित करती है।

वायरल तस्वीर ने फिर खींचा लोगों का ध्यान

फिलहाल ‘पूर्ण ब्रह्म’ लिखे एसी रथ में बैठे रामपाल की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। तस्वीर को लेकर अलग-अलग दावे और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, लेकिन वायरल पोस्ट में किए गए हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

इसलिए इस तस्वीर को वायरल सोशल मीडिया कंटेंट के तौर पर देखना उचित होगा। रामपाल से जुड़े पुराने कानूनी मामलों और 2026 में मिली जमानत की जानकारी अलग-अलग विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों से सामने आ चुकी है।

निष्कर्ष: 11 साल बाद जेल से बाहर आने के बाद रामपाल एक बार फिर चर्चा में हैं और उनकी नई तस्वीर ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। अब सवाल यह है कि वायरल तस्वीर में दिख रहा यह खास वाहन वास्तव में किस उद्देश्य से तैयार किया गया और सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों में कितनी सच्चाई है। इन सवालों का जवाब आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

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