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झारखंड के 5 हजार सरकारी स्कूलों में होगा सोशल ऑडिट

ग्रामीण विकास विभाग की टीम करेगी जांच रांची। झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 5 हजार सरकारी और सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) कराया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में संचालित योजनाओं, उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों के इस्तेमाल और विद्यालय प्रबंधन की जमीनी स्थिति की जांच करना है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद […]

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  • October 8, 2026 8:30 am IST, Published 25 seconds ago

ग्रामीण विकास विभाग की टीम करेगी जांच

रांची। झारखंड में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 5 हजार सरकारी और सहायता प्राप्त प्रारंभिक विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) कराया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में संचालित योजनाओं, उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों के इस्तेमाल और विद्यालय प्रबंधन की जमीनी स्थिति की जांच करना है।

झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने इस संबंध में सभी जिलों को आदेश जारी कर दिया है। सामाजिक अंकेक्षण की जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग की सोशल ऑडिट यूनिट को दी गई है।

विद्यालय प्रबंध समिति के सहयोग से बनेगी टीम

चिन्हित प्रत्येक विद्यालय में विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के सहयोग से चार सदस्यीय सोशल ऑडिट फैसिलिटेशन टीम (एसएएफटी) गठित की जाएगी। टीम स्कूल में चल रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेगी।

टीम में एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी या सैन्य कर्मी, एनआरएलएम ग्राम संगठन या स्वयं सहायता समूह की एक महिला प्रतिनिधि, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावकों में से एक प्रतिनिधि तथा शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले नागरिक समाज का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

शिक्षा विभाग के कर्मी और निजी संस्था के लोग नहीं होंगे शामिल

सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष रखने के लिए टीम में शिक्षा विभाग में कार्यरत किसी कर्मचारी या निजी संस्था से जुड़े व्यक्ति को शामिल नहीं किया जाएगा।

सोशल ऑडिट के दौरान स्कूलों में संचालित योजनाओं, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों के उपयोग और विद्यालय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की मौके पर जांच की जाएगी। इससे स्कूलों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

जमीनी स्तर पर योजनाओं की होगी पड़ताल

अंकेक्षण के दौरान यह भी देखा जाएगा कि विद्यालयों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं और संसाधनों का उपयोग निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप हो रहा है या नहीं। साथ ही स्कूल प्रबंधन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।

राज्य में 5 हजार विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण किए जाने से सरकारी योजनाओं की निगरानी और विद्यालयों की जमीनी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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